सीपीआर देना सीखें लोग, मुसीबत में बचा सकते हैं जान: डॉ भास्कर

सीपीआर देना सीखें लोग, मुसीबत में बचा सकते हैं जान: डॉ भास्कर

फिजियो आर्ट वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से दो दिवसीय शिविर का किया आयोजन प्रतिनिधि, जामताड़ा. फिजियो आर्ट वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित शिविर का दूसरा दिन रविवार को भी जारी रहा. शिविर का शुभारंभ सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ. बीके साहा, एमओआईसी डॉ. निलेश कुमार, गुरुदेव पारा मेडिकल कॉलेज पटना के प्रिंसिपल डॉ. आलोक चंद्र, हॉस्पिटो केयर के सीईओ कुमार अभिजीत, डॉ. निधि, डॉ. ऋतिक, डॉ. मुस्कान और समाजसेवी डॉ. डीडी भंडारी ने दीप प्रज्वलन कर किया. इस अवसर पर डॉ. भास्कर चांद ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के बारे में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जब किसी व्यक्ति का दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है, जैसे कि हार्ट अटैक या डूबने की स्थिति में, तो शरीर और मस्तिष्क को ऑक्सीजन मिलनी बंद हो जाती है. यदि समय पर सहायता न मिले, तो कुछ ही मिनटों में मृत्यु हो सकती है. उन्होंने बताया कि ऐसे समय में सीपीआर देना व्यक्ति की जान बचा सकता है. यह मस्तिष्क और शरीर में रक्त प्रवाह बनाए रखता है जब तक कि चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध न हो जाए. शुरुआती कुछ मिनटों में सीपीआर देना ही जान बचाने का एकमात्र तरीका हो सकता है. इस दौरान उन्होंने सीपीआर देने की विधि का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया. मौके पर अरूप मित्रा, नितेश सेन, एनिमा हेंब्रम, देवासी हेंब्रम, खुशबू सोरेन, सूर्य प्रकाश चंद्रवंशी, सोमनाथ दत्त और अमर मंडल सहित कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Umesh kumar

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