संवाददाता, जामताड़ा. झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा जामताड़ा की ओर से बुधवार को काला दिवस मनाया गया. केंद्र सरकार की ओर से पारित वैधता अधिनियम (पेंशन) 2025 की वापसी की मांग की गयी. इसे लकेर जिला कार्यालय परिसर में प्रतिवाद सभा का आयोजन किया गया. अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष मोहनलाल मिस्त्री ने की. जिला सचिव चंडीदास पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2025 को संसद में ऐसा विधेयक पारित किया है, जो पेंशनरों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है. नये प्रावधान के अनुसार, एक जनवरी 2026 से पूर्व के पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ मिलने पर आशंका है. कहा कि बीते एक वर्ष से फेडरेशन और राज्य संगठन लगातार ज्ञापन देकर विरोध दर्ज करा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस और सकारात्मक जवाब नहीं आया है. इससे लाखों पेंशनरों के बीच असंतोष है. सभा के बाद प्रतिवाद जुलूस निकाला गया. पेंशनरों ने काला बिल्ला लगाकर केंद्र सरकार की “पेंशनर विरोधी” नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की. जुलूस एसडीओ कार्यालय पहुंचकर पेंशनरों ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. मौके पर पार्थ कुमार बोस, प्रदीप सरकार, प्रदीप कुमार चक्रवर्ती, बंकिमेश खान, परेश घोष, समीर घोष, अनाथ नाथ यादव, फणी भूषण मंडल, वीरेन मंडल, अशोक चंद्र, राधे प्रसाद, हीरालाल यादव, मनोज हासदा, मीना कुमारी सहित अन्य थे.
पेंशनरों ने मनाया काला दिवस, पेंशन वैधता अधिनियम-2025 वापस लेने की मांग
जामताड़ा. झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा जामताड़ा की ओर से बुधवार को काला दिवस मनाया गया.
