सरकार को समस्याओं के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता

प्रभात खबर संवाद. चमगढ़ा में सड़क व पेयजल की समस्याएं, बोले ग्रामीण

मुरलीपहाड़ी. नारायणपुर प्रखंड के चमगढ़ा गांव में रविवार को प्रभात खबर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें गांव के ग्रामीण किसान, युवा समेत अन्य लोगों ने भाग लिया. लोगों ने कहा कि सरकार सभी तरह की सुविधाएं प्रदान करने की बात करती है. पर धरातल पर कुछ नहीं दिखाई नहीं देता है. चमगढ़ा गांव के लोग आज भी सड़क की समस्याएं से जूझ रहे हैं. यह समस्या को कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया गया. पर कोई असर नहीं दिख रहा है. गांव में बिजली की भी लचर व्यवस्था है. ग्रामीणों ने मांग किया कि गांव के सभी खंभे में स्ट्रीट लाइट लगे. ताकि रात में शहर की तरह गांव चकाचौंध दिखे. गांव में करीब 30 घर हैं. आबादी 100 से ज्यादा है. लेकिन मात्र दो चापाकल हैं. इससे भी दिक्कतें होती है. वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत स्तर पर बने पीएचसी को सरकार दुरुस्त करें और चिकित्सक से लेकर स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी दें. ग्रामीण क्षेत्र के लाेगों को छोटी-सी समस्या को नारायणपुर व जामताड़ा सदर अस्पताल जाना पड़ता है. पंचायत स्तर से यह सुविधा दुरुस्त होगी तो ग्रामीणों को समय भी बचेगा और खर्च भी कम आयेगा. ग्रामीणों ने कहा सरकार को गांव के लोगों के प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है. क्या कहते हैं ग्रामीण – – गांव के सभी बिजली खंभे में लाइट लगाया जाए. जिससे गांव में चकाचौंध रहें. इससे लोगों को काफी सुविधा होगी. गांव की बदहाली सड़क पर प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है. बरसात के दिनों में तो गांव से निकलना मश्किल हो जाता है. लखिंद्र किस्कू सरकार गांव स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग स्थापित करें. ताकि ग्रामीणों को गांव स्तर पर कुछ रोजगार मिल सके. किसानों की आय वृद्धि के लिए विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है. समय समय गांव स्तर पर किसानों को प्रशिक्षण मिलनी चाहिए. सुधीर मोहली गांव में मात्र दो चापाकल है. खास कर गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार को आबादी के अनुसार पानी की समस्या का निदान करना चाहिए. ताकि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मिल सके. कुंदन किस्कू चमगढ़ा गांव से नारायणपुर की दूरी करीब 10 किमी से ज्यादा है. सरकार सुदूर ग्रामीणों क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्रों में ऐसी सुविधा मुहैया करायें, जिससे गांव स्तर पर इलाज हो सके. सभी को छोटी सी समस्या को लेकर प्रखंड के सीएचसी जाने से राहत मिलेगी. संतोष कोल

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Author: BINAY KUMAR

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