प्रतिनिधि, नारायणपुर: प्रखंड क्षेत्र के रामनगर (घाँटी) स्थित ऐतिहासिक घाँटीगढ़ दुर्गामंडप में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं. यहां प्रत्येक वर्ष राजपरिवार के तत्वावधान में वैदिक विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है. बदलते समय के साथ पूजा आयोजन में स्थानीय श्रद्धालुओं की सहभागिता भी लगातार बढ़ रही है.
इस वर्ष ग्रामीणों ने स्थानीय सहयोग से दुर्गामंडप परिसर को आकर्षक लाइटिंग और साज-सज्जा से सजाने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है. पूजा को भव्य रूप देने को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है.
हाईवे पर वाहनों को रोककर नहीं लिया जाएगा चंदा
पूजा की तैयारियों को लेकर राघवेन्द्र नारायण सिंह के संचालन में दुर्गामंडप परिसर में ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें नवरात्र आयोजन को भव्य बनाने, साज-सज्जा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने को लेकर चर्चा की गयी.
बैठक में हाईवे से गुजरने वाले वाहनों को रोककर चंदा लेने का प्रस्ताव रखा गया. हालांकि, राघवेन्द्र नारायण सिंह ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया.
इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हाईवे पर किसी भी वाहन को रोककर चंदा नहीं लिया जाएगा. इसके लिए युवाओं की एक समर्पित टीम गठित की जाएगी, जो बस्ती-बस्ती जाकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से स्वैच्छिक सहयोग राशि जुटाएगी.
लाइटिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण
ग्रामीणों ने इस बार घाँटीगढ़ दुर्गामंडप को आकर्षक रूप देने की योजना बनायी है. दुर्गामंडप परिसर में आकर्षक लाइटिंग और साज-सज्जा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे.
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय लोगों के सहयोग से इस बार पूजा आयोजन को और भव्य बनाने का प्रयास किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं के लिए पूजा का माहौल और आकर्षक बनाने की तैयारी है.
17 सितंबर को फिर होगी बैठक
बैठक में दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गयी. आयोजन से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने और सहयोग जुटाने की व्यवस्था को लेकर अगली बैठक 17 सितंबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया.
बैठक में अशोक औझा, पंकज कुमार सिंह, जागेश्वर राय, रामदेव जी प्रधान, प्रमोद रजवार, गणेश रजवार, राजेश तुरी, सुनील रजवार, कामदेव रवानी, मनोज रजवार, चूरामन रजवार, नरेश राय, गुणाधर सेन सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे.
