मांझी परगाना महासभा का 10 नवंबर को नाला में धरना
मांझी परगाना सरदार महासभा नाला प्रखंड समिति ने 10 नवंबर को नाला प्रखंड कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आयोजित किया। महुलबना एवं श्रीपुर पंचायत की मांझी, नाईकी और पाराणिक की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता बाबा दशरथ मुर्मू ने की। जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने बताया कि धरना का उद्देश्य संताल सिविल रूल्स 1946 और संताल परगाना जस्टिस रेग्युलेशन 1893 में संशोधन का विरोध, पेसा कानून 1996 लागू करवाना, और रूढ़ि परम्परा के पदधारकों को सम्मान राशि प्रदान करना है। मांझी, नाईकी, पाराणिक सहित अन्य समुदायों के लोग इसमें भाग लेंगे। बैठक में कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और धरना की सफलता के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्रतिनिधि, बिंदापाथर. मांझी परगाना सरदार महासभा नाला प्रखंड समिति की ओर से 10 नवंबर को नाला प्रखंड कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया. महुलबना एवं श्रीपुर पंचायत के मांझी, नाईकी और पाराणिक की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया. बैठक की अध्यक्षता महुलबना मांझी बाबा दशरथ मुर्मू ने की. मांझी परगाना सरदार महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार हांसदा ने बताया कि धरने का मुख्य उद्देश्य संताल सिविल रूल्स 1946 और संताल परगाना जस्टिस रेग्युलेशन 1893 में संशोधन का विरोध करना, पेसा कानून 1996 लागू करवाना, और रूढ़ि परम्परा के पदधारको को सम्मान राशि प्रदान करवाना है. धरने में मांझी, नाईकी, पाराणिक, गोडेत, जोगमांझी और जोगपाराणिक आदि शामिल होंगे. 10 नवंबर को होने वाले इस धरने को सफल बनाने के लिए सभी को जिम्मेदारी दी गई. बैठक में राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक सुनील कुमार बास्की, महादेव हांसदा, मुखिया प्रतिनिधि सुकदेव सोरेन, नरेंद्र हेंब्रम, बाबूराम हांसदा, लखिन्द्र मुर्मू, जियाराम हांसदा और जहरलाल हांसदा आदि उपस्थित थे.
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