पुस्तकालय ऐसी जगह है, जहां विचारों को पा सकते हैं : तैय्यब

डायट पबिया में विद्यालयों के पुस्तकालय प्रबंधन पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ.

By JIYARAM MURMU | March 19, 2025 8:16 PM

नारायणपुर. डायट पबिया में विद्यालयों के पुस्तकालय प्रबंधन पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ. इसमें जिले के सभी माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालयों के पुस्तकालय अध्यक्ष, सह पुस्तकालय प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया. कार्यशाला का शुभारंभ केंद्रीय पुस्तकालय के अध्यक्ष अरुण कुमार चौबे, संकाय सदस्य तैय्यब अंसारी ने संयुक्त रूप से किया. संकाय सदस्य तैय्यब अंसारी ने कहा कि पुस्तकालय एक ऐसी जगह है, जहां हम इस दुनिया में रहने वाले महानतम विचारों को पा सकते हैं. विद्यालय में पुस्तकालय का विशेष स्थान होता है, जहां विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें, पत्रिकाएं उपलब्ध होती है, जो विद्यार्थी के अध्ययन में सहायता करती है. पुस्तकालय का उपयोग करके छात्र न केवल अपनी पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी को बढ़ा सकते हैं, बल्कि वह अपनी रुचि के अनुसार नयी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने पुस्तकालय के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं होते, बल्कि यह ज्ञान, संस्कृति और सूचना के केंद्र भी होते हैं. यह समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने एवं विचारों का आदान-प्रदान करने अहम भूमिका निभाते हैं. झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रांची की ओर से राज्य में संचालित प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत विद्यालयों के पुस्तकालय के रख-रखाव एवं साज-सज्जा चर्चा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. रिसोर्स पर्सन अरुण कुमार चौबे ने कहा कि विद्यालय में पुस्तकालय ठीक वही कार्य करते हैं जो शरीर में रक्त का है. विद्यालय में पुस्तकालय का प्रबंधन मिल का पत्थर साबित होगा. कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. वहीं संकाय सदस्य कृष्णानंद ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर सुबोध कुमार, समीर कुमार, शरतचंद्र गोस्वामी, विशाल कुमार यादव, शिवशंकर सोरेन, संचित बास्की, लालू मंडल, हलधर मंडल आदि मौजूद थे.

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