बाल विवाह रोकें, बेटियों को पढ़ाएं : करमाटांड़ के स्कूलों में चला अभियान

करमाटांड़ के 12 विद्यालयों में आईसीआरडब्ल्यू और जिला प्रशासन ने बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया. चार टीमों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया.

प्रतिनिधि, विद्यासागर: बाल विवाह की रोकथाम और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को करमाटांड़ प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया गया. आईसीआरडब्ल्यू एवं जामताड़ा जिला प्रशासन के समन्वय से आयोजित अभियान में चार टीमों ने 12 विद्यालयों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया.

नुक्कड़ नाटक से दिया बाल विवाह रोकने का संदेश

कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से "बाल विवाह रोकें, बेटियों को पढ़ाएं" और "शिक्षा, समानता और भागीदारी-हम सबकी जिम्मेदारी" का संदेश दिया.

प्रभावशाली संवाद, गीत और अभिनय के जरिये बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को सामने रखा गया. कलाकारों ने बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें अपने सपने पूरे करने का अवसर देने की अपील की.

अभियान के दौरान बेटियों और बेटों को समान शिक्षा और सम्मान देने पर भी जोर दिया गया. नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और समाज में इसके प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया गया.

चार टीमों ने 12 विद्यालयों में दी प्रस्तुति

अभियान के तहत चार टीमों को अलग-अलग विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गयी थी.

टीम-1 ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालाझरिया, झारखंड आवासीय विद्यालय करमाटांड़ और उत्क्रमित उच्च विद्यालय सिकरपोशनी में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया.

टीम-2 ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय कासीटांड़, पीएम श्री उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिंडारी और मध्य विद्यालय झुमकादेवी में जागरूकता कार्यक्रम किया.

टीम-3 ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय पट्टाजोरी, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेसिक रामपुर और राजकीयकृत गुलाब राय गुटगुटिया प्लस टू विद्यालय करमाटांड़ में प्रस्तुति दी.

वहीं टीम-4 ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय कदरुडीह, उत्क्रमित मध्य विद्यालय जगन्नाथपुर और उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरासोल में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया.

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शिक्षा को बताया बाल विवाह रोकने का मजबूत माध्यम

अभियान के दौरान कलाकारों ने संदेश दिया कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य के फैसले खुद लेने के लिए सक्षम बनाया जा सकता है. नुक्कड़ नाटक के जरिए बाल विवाह के सामाजिक प्रभावों को सरल और प्रभावी तरीके से विद्यार्थियों के सामने रखा गया.

12 विद्यालयों में आयोजित इस अभियान के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया.

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By Umesh Kumar

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