संवाददाता, जामताड़ा: बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति, संस्कार और भक्ति से जोड़ने के उद्देश्य से मारवाड़ी युवा मंच, जामताड़ा शाखा ने अनोखी पहल की. मंच के 85 सदस्यों और उनके परिवारजनों को बस व अन्य वाहनों से आसनसोल ले जाकर ‘हनुमान अंश’ फिल्म दिखायी गयी.
कार्यक्रम में बच्चों से लेकर परिवार के अन्य सदस्यों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया. आयोजन का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि फिल्म के माध्यम से बच्चों और युवाओं तक भक्ति, संस्कार और सेवा भावना का संदेश पहुंचाना था.
बच्चों को संस्कृति और संस्कार से जोड़ने की कोशिश
मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष जतिन परशुरामका ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों और युवाओं को अपनी संस्कृति, संस्कार और भक्ति से जोड़ना बेहद जरूरी है.
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया गया, ताकि बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जोड़ा जा सके.
परिवार संग फिल्म देखने पहुंचे 85 सदस्य
कार्यक्रम में मंच के 85 सदस्यों के साथ उनके परिवारजन भी शामिल हुए. सभी को बस और अन्य वाहनों के माध्यम से आसनसोल ले जाया गया.
परिवार के सदस्यों की एक साथ सहभागिता ने आयोजन को और खास बना दिया. बच्चों और युवाओं ने फिल्म का आनंद लिया, वहीं अभिभावकों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया.
परिवार और समाज में एकता का संदेश
जतिन परशुरामका ने कहा कि सदस्यों के साथ उनके परिवारजनों की सहभागिता से पारिवारिक जुड़ाव और आपसी एकता को मजबूत करने का अवसर मिला.
उन्होंने कहा कि मारवाड़ी युवा मंच सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से परिवार और समाज के बीच सहयोग, सद्भाव और आपसी जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है.
आगे भी होंगे संस्कार और सेवा से जुड़े कार्यक्रम
मंच अध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में भी मारवाड़ी युवा मंच की ओर से एकता, संस्कार, सेवा और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहेंगे.
उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराया जा सकता है.
मनोरंजन के साथ संस्कार की पहल
मारवाड़ी युवा मंच की इस पहल में मनोरंजन के साथ बच्चों और युवाओं को भक्ति, संस्कार और सेवा भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया. परिवार के सदस्यों की भागीदारी ने आयोजन को सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का भी मंच बना दिया.
