1000 अंडे, 990 चूजे: जामताड़ा में पहली ही हैचिंग में 99% सफलता, गांवों में बदलेगी कुक्कुट पालन की तस्वीर

जामताड़ा में 1000 अंडे की हैचरी ने पहले बैच में 99% सफलता पाई. 990 चूजे तैयार. स्थानीय कुक्कुट पालन के लिए बड़ी खुशखबरी.

जामताड़ा. फतेहपुर प्रखंड के आजीविका संसाधन केंद्र में बनारनाचा IFC संकुल द्वारा संचालित 1,000 अंडा क्षमता वाली हैचरी सेंटर ने अपने पहले उत्पादन बैच में शानदार सफलता हासिल की है. तीन अगस्त को 1,000 सोनाली मुर्गी के अंडों से शुरू हुई 21 दिवसीय हैचिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 990 स्वस्थ चूजे तैयार हुए. इस तरह पहले बैच में करीब 99 प्रतिशत उत्पादन दर हासिल हुई.

21 दिनों की वैज्ञानिक प्रक्रिया के बाद तैयार हुए चूजे

हैचरी में अंडों को पहले 18 दिनों तक निर्धारित तापमान और वैज्ञानिक परिस्थितियों में सेटर मशीन में रखा गया. इसके बाद अंडों को तीन दिनों के लिए हैचर मशीन में स्थानांतरित किया गया. 21 दिनों की पूरी प्रक्रिया के बाद करीब 990 चूजे प्राप्त हुए.

चूजों को प्रारंभिक स्वास्थ्य देखभाल, मल्टीविटामिन और आवश्यक औषधीय सहायता देने के बाद वैज्ञानिक पालन के लिए हार्डनिंग सेंटर भेजा गया.

स्थानीय स्तर पर मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण चूजे

हैचरी की शुरुआत से ग्रामीण पशुपालकों और आजीविका मिशन से जुड़े लाभुकों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चूजे उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. इससे बाहरी बाजार पर निर्भरता कम होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कुक्कुट पालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

हैचरी की क्षमता प्रत्येक चक्र में करीब 1,000 अंडों की है. मौजूदा बैच के बाद करीब चार दिनों के अंतराल में मशीन की सफाई, सैनिटाइजेशन और अन्य तैयारियां पूरी कर अगले बैच की हैचिंग शुरू करने की योजना है.

13 रुपये में अंडे, 22 से 24 रुपये में चूजों की बिक्री

वर्तमान मॉडल के तहत अंडे करीब 13 रुपये प्रति पीस की दर से खरीदे जाते हैं, जबकि तैयार चूजों की बिक्री करीब 22 से 24 रुपये प्रति चूजे की दर से निर्धारित की गयी है. नियमित उत्पादन होने पर इससे स्थानीय स्तर पर कुक्कुट पालन से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है.

महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद

इस पहल से महिलाओं, सखी मंडल की दीदियों, ग्रामीण युवाओं और स्थानीय पशुपालकों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. बनारनाचा IFC संकुल और आजीविका मिशन से जुड़े सदस्यों ने जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के सहयोग के प्रति आभार जताया है.

उद्घाटन के बाद पहले ही बैच में मिली बड़ी सफलता

हैचरी सेंटर का सात अगस्त को आजीविका संसाधन केंद्र परिसर में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा ने नाला विधायक प्रतिनिधि परेश यादव की मौजूदगी में उद्घाटन किया था. शुरुआत के साथ ही पहले बैच में मिली 99 प्रतिशत उत्पादन सफलता ने ग्रामीण आजीविका संवर्धन की संभावनाओं को और मजबूत किया है.

पहले बैच की सफलता से उत्साहित टीम ने भविष्य में नियमित उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चूजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Umesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >