फोटो – 03 किसानों को जानकारी देते बीटीएम प्रतिनिधि, नारायणपुर – कृषि विभाग से संचालित “खेत बचाओ अभियान ” के तहत गुरुवार को तेतुलियाटांड़ गांव में किसानों के बीच जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ. बीटीएम सीमावती सिंह ने किसानों को परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी. अभियान के दौरान किसानों को बीज उपचार, जैविक कीटनाशी के निर्माण एवं उपयोग की प्रक्रिया तथा धान की उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया. किसानों को बताया कि धान की फसल में लगने वाले कीट एवं रोगों का समेकित प्रबंधन अपनाकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. साथ ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग की भी सलाह दी गई. बीटीएम ने कहा कि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है. इसे देखते हुए किसानों को कम अवधि में तैयार होने वाली धान की विभिन्न किस्मों की जानकारी दी, ताकि मौसम की अनिश्चितताओं के बावजूद बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके. कार्यक्रम में गांव के प्रगतिशील किसान सुनील मुर्मू, रमेश मुर्मू, विल्सन किस्कू सहित कई किसानों ने भाग लेकर खेती से संबंधित तकनीकी जानकारियां प्राप्त की. वहीं जामताड़ा प्रखंड के अमलाचातर गांव में भी खेत बचाओ अभियान के तहत जागरुकता कार्यक्रम हुआ. यहां बीटीएम इकबाल हुसैन ने किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ कम अवधि वाली धान की उन्नत किस्मों, बीज उपचार की विधि तथा जैविक कीटनाशी तैयार करने एवं उसके उपयोग की जानकारी दी. उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को अपनाकर खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया.
किसानों को आधुनिक व परंपरागत खेती की दी जानकारी
कृषि विभाग से संचालित "खेत बचाओ अभियान " के तहत गुरुवार को तेतुलियाटांड़ गांव में किसानों के बीच जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ.
