चितरा इसीएल प्रबंधन के विरोध में डंपर मालिक व चालकों ने निकाला पैदल मार्च

जामताड़ा. चितरा इसीएल से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयले की ढुलाई करने वाले सैकड़ों डंपर चालकों ने पैदल मार्च किया.

डंपर एसोसिएशन की मांगों को लेकर एसडीओ को सौंपा ज्ञापन – 16 जुलाई तक मांगे नहीं मानी गई तो होगा आंदोलन : वीरेंद्र मंडल संवाददाता, जामताड़ा. चितरा इसीएल से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयले की ढुलाई करने वाले सैकड़ों डंपर चालकों व मालिकों ने चितरा कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ जामताड़ा शहर में पैदल मार्च किया और जमकर नारेबाजी की. भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल के नेतृत्व में समाज कल्याण कार्यालय से लेकर एसडीओ कार्यालय तक पैदल मार्च किया. एसडीओ कार्यालय पहुंचने पर वीरेंद्र मंडल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ अनंत कुमार को ज्ञापन सौंपा. डंपर एसोसिएशन की मांगों से उन्हें अवगत कराया. वीरेंद्र मंडल ने कहा कि अगर 16 जुलाई तक डंपर चालकों को पूर्व की तरह काम नहीं मिला, तो रेलवे साइडिंग को पूरी तरह ठप कर दिया जायेगा. कहा कि चितरा क्षेत्र में पिछले 40 वर्षों से हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इसी काम से चल रही है. डंपर मालिक, चालक, हेल्पर, गाड़ियों की मरम्मत करने वाले मैकेनिक से लेकर स्थानीय दुकानदार तक इस ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम पर निर्भर हैं. कहा कि अगर इन लोगों को विस्थापित किया गया और हाइवा से कोयला ढुलाई शुरू की गयी, तो यह सिर्फ रोजगार पर हमला नहीं होगा, बल्कि एक जनविरोधी निर्णय माना जाएगा. यदि प्रशासन और इसीएल प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया, तो अगला कदम बेहद कड़ा होगा. हजारों की भीड़ के साथ धरना-प्रदर्शन होगा. रेलवे साइडिंग को पूरी तरह जाम कर दिया जायेगा. भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि अगर प्रबंधन ने 16 जुलाई तक समस्या का हल नहीं निकाला और हाइवा के जरिए कोयला ढुलाई की कोशिश की, तो आंदोलन उग्र रूप लेगा. कहा, हम चुप नहीं बैठेंगे और यह केवल ट्रांसपोर्टरों की लड़ाई नहीं, यह पूरे चितरा क्षेत्र की लड़ाई होगी. ज्ञात हो कि विगत 40 वर्षों से स्थानीय डंपर एसोसिएशन की ओर से इसीएल चितरा से जामताड़ा रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई का कार्य किया जा रहा है, जिसमें हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त है, लेकिन हाल ही में इसीएल चितरा प्रबंधन, जीएम और ट्रांसपोर्टर की मिलीभगत से बाहरी कंपनियों को लाभ पहुंचाने की मंशा से स्थानीय डंपरों को सेवा से बाहर कर दिया गया है. इस कारण चितरा इसीएल से डंपर के माध्यम से 9 जुलाई से कोयला ढुलाई ठप है. वहीं ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन और इसीएल प्रबंधन से मांग की गयी है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय हितों की रक्षा की जाए. मौके पर राम रंजन, प्रकाश यादव, शत्रुघ्न पंडित, माधव मंडल, संजीत महतो आदि डंपर मालिक व चालक मौजूद थे.

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Published by: Umesh kumar

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