भीषण गर्मी व लू के बीच नदी व जोरिया से पानी लाने को हैं विवश प्रतिनिधि, नारायणपुर. भीषण गर्मी और लू के बीच देवलबाड़ी पंचायत अन्तर्गत मीरगा गांव स्थित आदिवासी टोला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे हैं कि विशेष पेयजल समस्या निवारण सप्ताह चलाए जाने के बावजूद यहां की समस्या जस की तस बनी हुई है. टोला में मौजूद तीन चापाकलों में से दो पूरी तरह खराब पड़े हैं, जबकि एक से भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है. मजबूरी में ग्रामीणों को पास की नदी और जोरिया का सहारा लेना पड़ रहा है, जो इस भीषण गर्मी में जोखिम भरा साबित हो रहा है. महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता है. गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से 9 से 18 अप्रैल तक विशेष पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा चलाया गया था. इस दौरान जांच टीमों ने गांव-गांव जाकर चापाकलों का निरीक्षण किया, लेकिन मीरगा आदिवासी टोला इस अभियान से अछूता रह गया. ग्रामीण मुलिन हांसदा, श्रीजल किस्कू, मोनी किस्कू, नूनकी सोरेन ने बताया कि पेयजल की समस्या से काफी परेशान हैं. समाधान सप्ताह चलाया गया, लेकिन हमारे टोला की समस्या को दरकिनार कर दिया गया. इस भीषण गर्मी में हालात और खराब हो गए हैं, प्रशासन को जल्द पहल करना चाहिए. कहा, गर्मी इतनी अधिक है कि जोरिया से पानी लाने में महिलाओं को काफी परेशानी होती है. क्या कहते हैं जेई : मीरगा आदिवासी टोला की पेयजल समस्या उनके संज्ञान में आ गयी है. 24 घंटे के भीतर समाधान कर लिया जायेगा. – संतोष कुमार महतो, जेइ, पीएचइडी
मीरगा आदिवासी टोला में गहराया पेयजल संकट
नारायणपुर. भीषण गर्मी और लू के बीच देवलबाड़ी पंचायत अन्तर्गत मीरगा गांव स्थित आदिवासी टोला में पेयजल संकट गहराता जा रहा है.
