संवाददाता, जामताड़ा. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी शनिवार को जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने बीते दिनों हुई घटना की विस्तृत समीक्षा की. अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया. मंत्री ने अस्पताल के प्रत्येक वार्डों सहित आपातकालीन कक्ष का निरीक्षण किया. उन्होंने अस्पताल में हुई तोड़-फोड़ का बारीकी से अवलोकन किया. डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली. इस दौरान एसडीओ अनंत कुमार उपस्थित रहे. निरीक्षण के दौरान जब मंत्री ने घटना का सीसीटीवी फुटेज देखा और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की आपबीती सुनी तो उन्होंने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश देते हुए कहा कि "जो भी दोषी है, चाहे पाताल में भी छिपा हो, उसे ढूंढकर कानून के हवाले किया जाए. किसी भी दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. कहा कि अस्पताल जनता की जिंदगी बचाने का मंदिर है, इसे राजनीति और गुंडागर्दी का अखाड़ा बनाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी. स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और मरीजों की जान जोखिम में डालना अक्षम्य अपराध है. मंत्री ने कहा कि यदि किसी अधिकारी या डॉक्टर की ओर से कोई लापरवाही हुई थी तो उसकी शिकायत प्रशासन अथवा सरकार से की जा सकती थी और दोषी पर कार्रवाई भी होती, लेकिन कानून को हाथ में लेकर अस्पताल में तोड़फोड़, मारपीट, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और आतंक का माहौल बनाना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है. कुछ भाजपा समर्थकों ने जानबूझकर माहौल को भड़काने का प्रयास किया.
मृतक के परिजनों को उकसाकर अस्पताल में अराजकता फैलाने की कोशिश की, जिससे डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए, जो लोग जनता के इलाज में बाधा डालेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं को ठप करने की साजिश करेंगे और अस्पतालों में दहशत फैलाएंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. वहीं सदर अस्पताल जाने से पहले स्वास्थ्य मंत्री मृतक के परिजनों से उनके आवास पर मिले. उन्होंने परिवार को तत्काल ₹50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका बेसरा, जिला प्रवक्ता इरसाद उल हक आरसी, विनोद क्षत्रिय सहित अन्य थे.
