रसोइया-संयोजिकाओं को मिले 26 हजार रुपये मिले मनादेय

जामताड़ा. झारखंड राज्य रसोइया संयोजिका यूनियन (सीटू से संबद्ध) का राज्य सम्मेलन जामताड़ा के विकास भवन में प्रारंभ हुआ.

जामताड़ा के विकास भवन में यूनियन का राज्य सम्मेलन प्रारंभ प्रतिनिधि, जामताड़ा. झारखंड राज्य रसोइया संयोजिका यूनियन (सीटू से संबद्ध) का राज्य सम्मेलन जामताड़ा के विकास भवन में प्रारंभ हुआ. सम्मेलन में विभिन्न जिलों से लगभग 70 प्रतिनिधियों ने भाग लिया. सम्मेलन की अध्यक्षता मकीना बीवी ने की. कृष्णा राय चटर्जी एमएमडीएमडब्ल्यूएफआइ से पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहीं. मंच का संचालन सीटू के चंडी दास पुरी ने किया. सीटू के राज्य शाखा सदस्य लखनलाल मंडल ने सम्मेलन को संबोधित किया. कहा कि सभी सदस्य राज्य कमेटी रसोइयों संयोजिकाओं के उचित मांगों को लेकर संघर्ष करेंगे. पर्यवेक्षक कृष्णा राय चटर्जी ने कहा कि पूरे देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग मानदेय है, जबकि सबों का कार्य एक ही है. सबों को विद्यालय में बच्चों को खाना बनाकर खिलाना है. इस भीषण महंगाई में उन्हें जो मानदेय मिलता है वह काफी कम है. फेडरेशन की मांग है सभी रसोइयाओं को न्यूनतम मानदेय 26000 होना चाहिए. उन्हें साल भर में सूती कपड़े का दो सेट साड़ी, अपरन, टोपी आदि मिलनी चाहिए. सेवा समाप्ति के बाद उन्हें प्रतिमा 6000 का पेंशन के साथ-साथ एक मुश्त 200000 मिलनी चाहिए. समय पर मानदेय का भुगतान होना चाहिए. संयोजिकाओं का नियमितीकरण होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में लिए गये सभी फैसलों को फेडरेशन के समक्ष रखेंगे. सम्मेलन में सर्वसम्मति से 25 सदस्यीय राज्य कमेटी का गठन किया गया, जिसमें मैना सिंह, महासचिव लखनलाल मंडल, अध्यक्ष चंडीदास पूरी, कार्यकारी अध्यक्ष मकीना बीवी, कोषाध्यक्ष संध्या देवी, उपाध्यक्ष नूरजहां खातून, सचिव लखीमुनी मरांडी, अनिता देवी, उपाध्यक्ष सुमन लता, उपाध्यक्ष महेंद्र पुरी चुने गये. कोशिश की गयी कि राज्य के सभी जिलों से राज्य कमेटी में प्रतिनिधित्व मिले. इस पर भी ध्यान रखा गया. चंडीदास पुरी ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार जिस तरह से हमारी स्कीम वर्करों की मांगों को अनदेखी कर रही है वह काफी चिंताजनक है. एकता के साथ केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार की वर्कर विरोधी नीति का विरोध करें. ने कहा कि 26 नवंबर को मजदूरों व किसानों की जो आह्वान है उसे सफल करना है. एक से 10 दिसंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर स्कीम वर्कर के आंदोलन को भी सफल बनाना है. सम्मेलन में संध्या देवी, मुखीबाला देवी, लखी सोरेन, आरती देवी, फुलमुनी सोरेन, पुल्का देवी, चंदना साधु, पूर्णिमा देवी, सकीना खातून, सुखी मुर्मू, मालोती देवी, प्रमिला मुर्मू, विनोता देवी आदि मौजूद रहीं.

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By Umesh kumar

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