विरोध. पुलिस फायरिंग में विस्थापितों की मौत की घटना का विरोध
घटना में चार विस्थापितों की हो गयी थी मौत
जनता से आने वाले चुनाव में सोच समझकर वोट डालने की अपील की
जामताड़ा : बड़का गांव में पुलिस फायरिंग में चार विस्थापितों की मौत की घटना के विरोध में रविवार को झामुमो कार्यकर्ताओं ने स्थानीय इंदिरा चौक पर मुख्यमंत्री रघुवर दास का पुतला दहन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्यामलाल हेंब्रम नने की. इस दौरान नाला विधायक रवींद्र नाथ महतो, जामताड़ा के पूर्व विधायक विष्णु प्रसाद भैया, केंद्रीय समिति सदस्य अशोक मंडल आदि मौजूद थे. नाला विधायक ने कहा कि झारखंड सरकार पूंजीपतियों की सरकार है. अडाणी-अंबानी की सरकार है.
बड़का गांव में गरीब किसान की जमीन को जबरन छीनकर एनटीपीसी को दिया जा रहा है. विधायक के जमीन देने के विरोध में धरना पर बैठने पर सरकार ने गोली चलवा दी. इस घटना में चार विस्थापितों की मौत हो गयी. दर्जनों घायल हुए. यह घटना सरकार की दमनकारी नीति को उजागर करती है. कौड़ी के दाम में जमीन को जबरन छीनने का काम कर रही है. गोड्डा में अडाणी को साढ़े तीन हजार एकड़ जमीन को कोड़ी के दाम में दिला दी.
श्री महतो ने कहा कि झारखंड की जमीन पर बिजली का उत्पादन होगा और बांग्ला देश में बिजली आपूर्ति की जायेगी. कहा कि इस सरकार में सभी अधिकारी बेलगाम हो गया है. अफसर साही हावी है. गरीबों की सुनी नहीं जाती है. कहा कि हाल ही जामताड़ा में छात्र संघ के चुनाव में कुछ असामाजिक तत्वों ने झारखंड छात्र मोरचा के जिलाध्यक्ष को मारपीट कर घायल कर दिया, लेकिन अभी तक दोषी को नहीं पकड़ा नहीं गया है.
वहीं जामताड़ा के पूर्व विधायक विष्णु प्रसाद भैया ने कहा कि रघुवर खुद बाहरी है तो झारखंडी के दुख दर्द को कैसे समझेंगे. जनता से आने वाले चुनाव में सोच समझकर वोट डालने की अपील की. इस अवसर पर कैलाश प्रसाद साव, देवीसन हांसदा, आनंद टुडू, महफुज आलम, साकेत सिंह, चंचल राय, इम्तियाज अंसारी, दिनेश मुर्मू सहित कई कार्यकर्ता थे.
गरीब किसान की जमीन को छीनकर एनटीपीसी को देने का आरोप
पुतला दहन करते झामुमो कार्यकर्ता.फोटो। प्रभात खबर
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प्रशिक्षण में शामिल महिला.
