झारखंड का बालू खप रहा नेपाल में
देवघर के नुनियाद व लालपुर प्वाइंट से रोजाना सैकड़ों ट्रक बालू की हो रही तस्करी
बिहार में ऊंची कीमत पर बेचे जा रहे बालू
नारायणपुर/मुरलीपहाड़ी : सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी बालू माफियाओं पर नकेल कसने में प्रशासन नाकाम है. देवघर के विभिन्न नदी घाटों से रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर बालु की तस्करी की जा रही है. जिला के नोनियाद व लालपुर के नदी घाट में जयंती नदी से सैकड़ों ट्रैक्टर बालू मधुपुर-बुधुडीह मुख्य मार्ग पर स्थित लालपुर में डंप किया जाता है.
यहां जेसीबी द्वारा ट्रकों में बालू लोड कर रोजाना तकरीबन सौ से 150 ट्रक देवघर के रास्तों से बिहार के बांका, भागलपुर, सहरसा, पूर्णिया समेत अन्य जिलों में भेजा जाता है. इतना ही नहीं ट्रक लदे बालू को नेपाल में भी खपाया जा रहा है. प्रशासनिक मिलीभगत के कारण बालू माफियाओं की चांदी हो रही है
और सरकार को हर दिन लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है. नाम नहीं बताने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि बालू का पूरा अवैध कारोबार पुलिस-प्रशासन के संरक्षण में चल रहा है. बताया कि बालू लदे एक दस चक्का वाहन से लगभग 8200 रुपये वसूला जाता है. गांव में लगभग तीन एकड़ जमीन पर बालू डंप किये गये हैं. यहां दर्जनों वाहन कतार में बालू लोडिंग के लिए लगे रहते हैं. लोडिंग के बाद बालू को एक्सपर्ट ट्रकों में ऐसे सील करते हैं कि पता नहीं चल पाये. ट्रक में ऐसा लगता है कि ट्रांसपोर्टिंग के लिए सामान ले जाया जा रहा है.
पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से बालु को भेजा जा रहा बाहर
नारायणपुर के नोनीयाद में ट्रकों में कायदे से पैक किया जा रहा बालू.
दबंग ग्रामीणों को मिलता है कमीशन
पड़ताल में पता चला कि प्रति ट्रैक्टर स्थानीय दबंग ग्रामीणों को 50 रुपये की दर से कमीशन दिया जाता है. ग्रामीणों ने जब बालू उठाव का विरोध कर इस पर रोक लगा दी थी तो संवेदक इनके बीच के ही कुछ दबंगों को अपने पाले में लेकर इन्हें प्रति खेप 50 रुपये देने पर राजी कर लिया. संवेदक को खनन विभाग द्वारा नुनियाद के लिए लीज दिया गया है. जबकि बालू का उठाव लालपुर क्षेत्र से भी किया जा रहा है. बालू की बिहार से लेकर नेपाल तक के इस कारोबार का यह अभी तक बड़ा सेफ जोन बना हुआ है.
