विडंबना . लाखों की लागत से बनाया गया है भवन
ब्लड के अभाव में दर बदर भटकना पड़ता है मरीज के परिजनों को
ब्लड बैंक का भवन बन कर तैयार
भवन को हैंड ओवर करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग कर चुकी है संवेदक को नोटिस
जामताड़ा : हर जिले के लिये सबसे महत्वपूर्ण ब्लड बैंक होता है. जिससे लोगों की जान बचाई जा सकती है. आसानी से लोगों को ब्लड उपलब्ध हो सकती है, लेकिन इस संबंध में विभाग की उदासीनता एवं जनप्रतिनिधि भी इसे चालू कराने में रुची नहीं ले रहे हैं. जबकि ब्लड बैंक का भवन बन कर तैयार है, लेकिन अब तक किसी ने इसकी सुध लेना सही नहीं समझा. किस कारण से अभी तक चालू नहीं हो गया ब्लड बैंक एक बार किसी भी जनप्रतिनिधि ने इसकी सुध नहीं ली
. बताते चलें कि जिला में अगर ट्रांसफाॅर्मर या ओवर ब्रिज बने तो सभी दल के नेता अपना-अपना झंडा लेकर ये कहते हैं कि इसका श्रेय मेरा है. श्रेय लेने की होड़ मच जाती है, लेकिन जिस ब्लड बैंक से किसी का जान बचाया जा सकता है. उसे चालू कराना किसी ने सही नहीं समझा. लाखों की लागत से बना ये ब्लड बैंक अब किसी राम का इंतजार में है. कोई तो होगा जो इसे चालू कराने का पहल करेगा.
जिले की आबादी
जिले में करीब 07 लाख की आबादी है. जिसमें महिला-पुरुष, बच्चा और वृद्धा शामिल हैं.
ब्लड बैंक से क्या है फायदा
अगर ये बैंक चालू होता है तो यहां के लोगों को दूसरे जिला से ब्लड मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं जिले के सभी प्रखंडों में आये दिन रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है. शिविर में जो रक्त इकट्ठा किया जाता है उसे देवघर या आसनसोल भेजा जाता है. बैंक चालू हो जाने से शिविर में लिये गये रक्त यहां जमा रहेगा.
चालू कराने में रुची नहीं ले रहे जनप्रतिनिधि
ब्लड बैंक का भवन तैयार. फोटो। प्रभात खबर
क्या कहते हैं डीपीएम
डीपीएम दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि संवेदक को भवन हैंड ओवर करने के लिये कई बार नोटीस किया गया है, लेकिन अभी तक भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंड ओवर नहीं किया गया है.
