रियायती दर पर मत्स्य विभाग देगा मछली का 50 लाख जीरा
जामताड़ा : अच्छा मानसून हुआ तो किसानों को दोहरी खुशी मिलेगी. सब्सिडी पर धान के उन्नत बीज के साथ मत्स्य पालन के लिए रियायती दर पर जीरा भी दिये जायेंगे. राज्य सरकार ने जामताड़ा किसानों को 50 लाख जीरा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिला मत्स्य विभाग की मानें तो इस वर्ष पांच लाख […]
जामताड़ा : अच्छा मानसून हुआ तो किसानों को दोहरी खुशी मिलेगी. सब्सिडी पर धान के उन्नत बीज के साथ मत्स्य पालन के लिए रियायती दर पर जीरा भी दिये जायेंगे. राज्य सरकार ने जामताड़ा किसानों को 50 लाख जीरा देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिला मत्स्य विभाग की मानें तो इस वर्ष पांच लाख ज्यादा जीरा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पिछले साल 45 लाख जीरा किसानों को देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था.
मत्स्य विभाग के अनुसार अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के किसानों को सब्सिडी पर 80 रुपये प्रति हजार जीरा दिया जायेगा. जबकि सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए कोई सब्सिडी नहीं है.
430 तालाबों में होगा मत्स्य पालन : विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल तालाबों की संख्या 430 हैं, जिनमें मत्स्य पालन करने की योजना है. प्रखंडस्तर पर नाला में कुल तालाबों की संख्या 114, जामताड़ा प्रखंड में 45, नारायणपुर प्रखंड में 82, कुंडहित में 103, फतेहपुर प्रखंड में 41 तथा करमाटांड़ में 45 तालाब है. जिनमें जीरा देकर मछली पालन किया जायेगा.
प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने सुनाई समस्याएं
फतेहपुर. प्रखंड सभागार में प्रखंड के सभी पंचायत के प्रज्ञा केंद्र संचालक की मासिक समीक्षा बैठक हुई. जिसमें बारी-बारी से सभी पंचायत के कार्य की समीक्षा की गयी. मुख्य रूप से उपस्थित सीएससी के जिला प्रबंधक सलिल कुमार एवं उत्पल दे उपस्थित थे. बैठक में प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने अपनी-अपनी समस्याओं को रखा. जिसमें कई संचालकों ने बैठक में कहा कि पंचायत में अब तक बिजली पहुंची है. जिससे आवश्यक कार्य बाधित है. जिस पर जिला प्रबंधकों ने समस्या को जिला में रखने की बात कही. मौके पर झार सेवा, एनडीएलएम, बैंकिंग, ऑन लाइन एफआइआर, बिजली बिल सहित अन्य कार्यों की समीक्षा की गयी.