जामताड़ा : 2014 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय बागधरा के शिक्षक सुनील बास्की को जिला से राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये चयन किया गया था. 05 सितंबर 2014 को उन्हें दिल्ली के विज्ञान भवन में बेहतर शिक्षक और समाज के लिए उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया.
दिल्ली में सम्मानित होने के बाद प्रभात खबर के प्रतिभा सम्मान समारोह में भी उन्होंने सम्मानित किया गया. शिक्षक दिवस पर प्रभात खबर से बातचीत में शिक्षक और छात्र के संबंध पर बताया कि गुरु व शिष्य का संबंध सदियों पुराना है. गुरु के मार्ग दर्शन से ही शिष्य में निखार आता है और वो समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बन जाते हैं. आज के इस आपाधापी में भले ही बदलाव आ गया हो मगर गुरु की गरिमा आज भी बरकरार है. उन्होंने कहा जीवन में सफलता पाने के लिए जरूरी है जीवन में कुछ कर गुजर जाने की ललक का होना.
जिसमें यह आग है वो कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता. वो लगातार सफलताओं की सीढ़ियां चढ़ता चला जाता है और समाज के लिए आइडल बन जाता है. गुरु की डांट-फटकार से कई बार छात्र आहत हो जाते हैं मगर गुरु की डांट-फटकार में भी प्यार छुपा होता है. उनके इस व्यवहार में शिष्य का कल्याण छुपा होता है. उन्होंने कहा मैंने इसे बहुत करीब से अनुभव किया है. अत: किसी को ख्याल रखना चाहिए कि अपने गुरु के प्रति श्रद्धा रखें. इसके बिना जीवन में सफलता मुश्किल है.
