बंद हो सेविका व रसोइया का शोषण

जामताड़ा : समाहरणालय के समक्ष अपनी 10 सूत्री मांगों के साथ ऑल इंडिया मिड डे मिल वर्कर्स ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. मौके पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष हर प्रसाद खां एवं संयोजक चिंतामणि मंडल उपस्थित थे. वहीं संयोजक चिंतामणि मंडल ने कहा कि पूरे देश में 15 करोड़ बच्चों की सेवा सेविका […]

जामताड़ा : समाहरणालय के समक्ष अपनी 10 सूत्री मांगों के साथ ऑल इंडिया मिड डे मिल वर्कर्स ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. मौके पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष हर प्रसाद खां एवं संयोजक चिंतामणि मंडल उपस्थित थे. वहीं संयोजक चिंतामणि मंडल ने कहा कि पूरे देश में 15 करोड़ बच्चों की सेवा सेविका और रसोइया एवं संयोजिका कर रही है. 12 लाख विद्यालय में 50 लाख रसोइया एवं संयोजिका कार्य कर रही है.
झारखंड में 49 हजार विद्यालय में 1.30 लाख रसोइया एवं संयोजिका कार्यरत है. जो 40 लाख विद्यालय के 40 लाख बच्चों का सेवा करने का काम कर रही है. जामताड़ा जिला में 1194 विद्यालय में 5000 हजार संयोजिका एवं रसोइया दो लाख बच्चों की सेवा में लगी हुई है. खाना बनाने से लेकर स्कूल की साफ-सफाई का पूरा काम करने का काम ये लोग करती है. अपना पूरा दिन विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों की सेवा में लगा देती है.
लेकिन उन्हें मिलता क्या है मात्र एक हजार रुपये. क्या ये शोषण नहीं है तो क्या है. क्या इनका परिवार और बच्च नहीं है. इससे अच्छा तो मनरेगा के मजदूरों को मजदूरी दिया जा रहा है. इस शोषण के खिलाफ हम लोगों ने आवाज उठाया है.
जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होती तब तक हम इसके खिलाफ ऐसे ही धरना प्रदर्शन करते रहेंगे. क्योंकि अब पानी सर के उपर हो गया है. सरकार इस बात को गंभीरता से नहीं लिया तो हम लोग बाध्य हो कर अपना दूसरा कदम उठायेंगे. सरकार हमारा शोषण करना बंद करें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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