श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण की बाल लीला सुन भक्त हुए भाव-विभोर

फोटो : 16 जाम 22 प्रतिनिधि, बिंदापाथर मोहनावांक गांव स्थित बलदढूबा गोपाल मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन से आये राधाविनोद ठाकुर ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं की कथा भक्तों को सुनाई. पुतना वध प्रसंग में ठाकुर ने कहा कि राजा कंश के कहने पर जब राक्षसी पुतना गोकुल ग्राम […]

फोटो : 16 जाम 22 प्रतिनिधि, बिंदापाथर मोहनावांक गांव स्थित बलदढूबा गोपाल मंदिर प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में वृंदावन से आये राधाविनोद ठाकुर ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं की कथा भक्तों को सुनाई. पुतना वध प्रसंग में ठाकुर ने कहा कि राजा कंश के कहने पर जब राक्षसी पुतना गोकुल ग्राम की ओर चली तब श्रीकृष्ण को इसका पता चल चुका थी. तब झूला में झूलते हुए भगवान मस्कुराते हुए पुतना आने की प्रतिक्षा करने लगे. पुतना गोकुल पहुंच कर अपने वक्ष में विष लगा कर श्रीकृष्ण को ज्यों ही पिलाने लगी भगवान ने पुतना के वक्ष को मुख से इतनी जोर से खींचा कि पुतना ने हे भगवान कहते हुए दम तोड़ दिया. इस प्रकार पुतना का उद्धार हुआ. श्री ठाकुर ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा चरवाही के क्रम में गोवर्धन पर्वत को अंगुली पर उठाने की कथा सुनाई.

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