नगर प्रतिनिधि, जामताड़ाजामताड़ा के इलाके में केवल नाला व चितरा से नहीं बल्कि धनबाद व आसनसोल से अवैध रूप से आने वाले कोयले भी खपाये जाते थे. यहां रोजाना सैकड़ों क्विंटल चोरी किया गया कोयला धनबाद, नाला व जामताड़ा रेलवे साइडिंग से मंगाये जाते थे. बता दें कि यहां कई हार्ड कोक फैक्ट्री भी संचालित हैं जो फिलहाल बंद हैं. हालांकि किन कारणों से ये बंद हैं इसका पता नहीं चल सका है. लेकिन खबर है कि आसपास के दर्जनों ईंट भट्ठों में व छोटे-छोटे डीपो में अवैध कोयला खपाया जाता है. हालांकि इन इलाकों में आने वाला कोयला नारायणपुर के इलाके से होकर आता है. ऐसे मामलों में नारायणपुर की पुलिस कितना ध्यान देती होगी यह दिगर है.कीमती है हार्ड कोककच्चे कोयले को जला कर बनने वाले हार्ड कोक सामान्य कोयले से कीमती होते हैं. इसे कारोबारी औने-पौने दामों में दूसरे राज्यों को बेचते थे. ऐसे कोयले चेंगायडीह के रास्ते गिरीडीह भीे भेजे जाते हैं.—————————————–फोटो : 29 जाम 07, 08, 09.
धनबाद से जामताड़ा आता था चोरी का कोयला
नगर प्रतिनिधि, जामताड़ाजामताड़ा के इलाके में केवल नाला व चितरा से नहीं बल्कि धनबाद व आसनसोल से अवैध रूप से आने वाले कोयले भी खपाये जाते थे. यहां रोजाना सैकड़ों क्विंटल चोरी किया गया कोयला धनबाद, नाला व जामताड़ा रेलवे साइडिंग से मंगाये जाते थे. बता दें कि यहां कई हार्ड कोक फैक्ट्री भी संचालित […]
