फतेहपुर के 136 विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं, वज्रपात के डर के बीच पढ़ाई कर रहे बच्चे

मानसून के आगमन के साथ ही वज्रपात की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है. इससे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भय का माहौल है.

फतेहपुर. प्रखंड क्षेत्र के कुल 136 विद्यालयों में तड़ित चालक (लाइटनिंग अरेस्टर) की व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों बच्चों की जान हर पल खतरे में बनी हुई है. मानसून के आगमन के साथ ही वज्रपात की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है. इससे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भय का माहौल है. स्कूल प्रशासन भी असहाय महसूस कर रहा है. सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधनों का अभाव बना हुआ है. गौरतलब है कि विगत वर्षों में राज्य भर में वज्रपात की घटनाओं में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है. विशेषज्ञों के अनुसार खुले मैदानों, ऊंची इमारतों और वृक्षों के पास वज्रपात की आशंका अधिक रहती है. ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर विद्यालय इन्हीं परिस्थितियों में स्थित है, जहां बच्चे खुले परिसर में पढ़ाई करते हैं या खेलकूद में भाग लेते हैं. ऐसे में बिना तड़ित चालक के विद्यालयों का संचालन बच्चों की जान को जोखिम में डालने के समान है. विद्यालयों में तड़ित चालक लगाने के लिए न तो अभी तक कोई बजट स्वीकृत हुआ है और न ही शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस पहल की गयी है. शिक्षकों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन को पत्राचार कर इस विषय की ओर ध्यान दिलाया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी विद्यालयों में शीघ्र तड़ित चालक लगाए जाएं, ताकि बच्चे निडर होकर शिक्षा ग्रहण कर सकें. बीइइओ फतेहपुर ने बताया कि इसका तो सटीक आंकड़ा नहीं है. अनुमानित रूप में बताते हुए कहा कि शैक्षणिक क्षेत्र अंतर्गत दस उच्च विद्यालय, 60 मध्य विद्यालय व 66 प्राथमिक विद्यालय हैं. वहीं पांच निजी विद्यालय हैं. उच्च विद्यालय मनरायडीह व राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय फतेहपुर ऐसे विद्यालय हैं. जहां हजार से ऊपर बच्चे नामांकित हैं. ऐसे विद्यालयों में तड़ित चालक न रहना सुरक्षा में भारी चूक है. विगत वर्ष वर्षा ऋतु में फतेहपुर के खिजुरिया गांव में एक किसान की मौत वज्रपात से हो चुकी है. प्रखंड क्षेत्र में यदा-कदा ऐसी अप्रिय घटनाएं घटित होते रहती है. यह सोचने पर विवश कर देती है कि अगर ऐसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों में ऐसी घटनाएं हो जाये तो कितना बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इस दिशा में गंभीर कोई भी दिखायी नहीं पड़ता है. विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में से बिभाष हेंब्रम, सुभाष मंडल, राजेश बेसरा, दिगंबर चौधरी, पिंटू दत्त, राहुल साहा, अभय भंडारी, मृत्युंजय कुमार, राजा सिंह, बिरजू राय, बिंदा महतो, दिलीप यादव, काली सोरेन आदि अभिभावकों ने सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की मांग की है.

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Published by: Umesh kumar

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