सिकुड़ते जा रहे हैं शहर के तालाब

तालाबों में फेंका जा रहा कचरा पानी हो रहा दूषित शहर के साहाना तालाब, राजाबांध तालाब, कोर्ट स्थित तालपोखर तालाबा, सरकारी बांध तालाब कचरा और गंदगी से भरा सफाई के प्रति ना तो प्रशासन गंभीर ना ही जनता ही है जागरूक जामताड़ा : जहां एक तरफ जल संचयन को लेकर केंद्र व राज्य सरकार करोड़ों […]

तालाबों में फेंका जा रहा कचरा

पानी हो रहा दूषित
शहर के साहाना तालाब, राजाबांध तालाब, कोर्ट स्थित तालपोखर तालाबा, सरकारी बांध तालाब कचरा और गंदगी से भरा
सफाई के प्रति ना तो प्रशासन गंभीर ना ही जनता ही है जागरूक
जामताड़ा : जहां एक तरफ जल संचयन को लेकर केंद्र व राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर तालाब निर्माण करा रही है. वहीं शहर में स्थित छोटे-बड़े तालाब संरक्षण के अभाव में अपना अस्तिव खोते जा रहे हैं. इस आेर न ही तो स्थानीय प्रशासन का ध्यान है और न ही इस मामले में लोग जागरूक हो रहें हैं. शहर स्थित तालाब और उसके आसपास स्थानीय लोगों द्वारा आये दिन कचरा फेंका जाता है.
इससे तालाब का पानी प्रदूषित तो हो हीं रहा है साथ ही धीरे-धीरे सिकुड़ता जा रहा है. जानकारों का मामना है कि तालाब का निर्माण निर्धारित क्षेत्रों में जल स्तर बनाये रखने की दृष्टि से किया गया था, पर तालाबों में कूड़ा-कचरा फेंकने व उसकी साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देने से धीरे-धीरे तालाबों का अस्तित्व खत्म हो जायेगा. इससे जल संकट की विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है. शहर के साहाना तालाब, राजाबांध तालाब, कोर्ट स्थित तालपोखर तालाबा, सरकारी बांध तालाबा सभी जगह कचरा और गंदगी से भरा पड़ा हुआ है. यहां स्वच्छता अभियान बेअसर साबित हो रहा है.
कूड़ेदान रखे जाने के बावजूद लोग तालाब में फेंक रहे हैं गंदगी
एक तरफ सरकार देशभर में स्वच्छता अभियान चला रही है और योजना में करोड़ों रुपये पानी की तरह खर्च कर रही है, लेकिन जामताड़ा में इसका असर नहीं दिख रहा है. शहर के न्यूटाउन स्थित राजाबांध तालाब कचरे और गंदगी से भरा पड़ा है. तालाब के तट पर आसानी से कचरा पड़ा हुआ देखने को मिल जायेगा. स्थानीय लोगों के जागरूक नहीं होने के कारण तालाब गंदा होता जा रहा है. राजाबांध तालाब के पास नगर पंचायत द्वारा कूड़ेदान की व्यवस्था भी की गयी है बावजूद लोग कचरा तालाबों में ही फेंकना पसंद कर रहे हैं.
लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत
जल प्रदूषण एक प्रमुख समस्या है. इसके लिए सभी स्तरों पर मूल्यांकन और जल संसाधन नीति में संशोधन की आवश्यकता है. क्योंकि जल प्रदूषण के कारण कई प्रकार की बीमारियां फैलती है. जल प्रदूषण मानव व जलीय जीव दोनों के लिए नुकसानदेह है. यह कई रोगों के जनक होते हैं. तालाबों में कचरा फेंकने से कई तरह के कवक व जीवाणु उत्पन्न होते हैं जो घातक बीमारियों को जन्म देते हैं. इसके लिए लोगों को भी जागरूक होना होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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