जमशेदपुर में मानसिक तनाव से जूझ रहे युवा कारोबारी ने लगाई फांसी, परिजनों ने बताई ये बात

जमशेदपुर में एक पटाखा कारोबारी ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. परिजनों द्वारा आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है.

जमशेदपुर : जुगसलाई चौक बाजार निवासी लोचन मंगोतिया (36) ने रविवार की सुबह ( आठ से नौ बजे के बीच) अपने आवासीय कार्यालय में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. घटनास्थल से पुलिस को कोई सुसाइट नोट बरामद नहीं हुआ है.

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक लोचन मंगोतिया पिछले एक सप्ताह से तनाव में रह रहे थे. घर पर भी किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे. जुगसलाई में वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते थे. वे अपने आवास के दूसरे तल्ले पर रहते थे. प्रथम तल्ले पर उनका कार्यालय और ग्राउंड फ्लोर पर उनकी दुकान है.


सुबह सात बजे दुकान के पास उतरे इसके बाद कार्यालय खोल कर अंदर घुसे

जानकारी के मुताबिक रविवार की सुबह करीब सात बजे वह नीचे दुकान के पास उतरे थे. कुछ देर वहां रहने के बाद वह अपने कार्यालय खोला. उसके बाद आधा कार्यालय का आधा शटर खोल कर कार्यालय में ही पंखे से फांसी लगा ली. काफी देर तक जब घर नहीं आये, तो परिवार वालों ने उनकी खोजबीन शुरू की गयी. परिजनों ने रिश्तेदारों को फोन कर इसकी जानकारी दी. जब परिवार के कई लोग आये और कार्यालय का शटर खोला तो लोचन मंगोतिया को पंखे से लटका पाया. इसकी सूचना पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंच कर छानबीन की और इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजवाया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया.

पटाखा और सीजनल व्यापार करते थे

लोचन मंगोतिया की हार्डवेयर की दुकान है. इसके अलावा पटाखा, रंग समेत अन्य सीजनल कारोबार करते थे. लोचन मंगोतिया मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष रह चुके थे. वह मारवाड़ी युवा मंच, जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष भी रह चुके थे. इसके अलावा वह कांग्रेस और झामुमो से भी जुड़े हुए थे. मारवाड़ी समाज के कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते थे.

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लेखक के बारे में

By Kunal Kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.

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