टाटा स्टील के वीपी सीएसडी सुंदर रामम ने कहा कि झारखंड को सिर्फ रॉ मिनरल्स निकालने वाले राज्य तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन आधारित इंडस्ट्रियल स्टेट बनाना होगा. उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में एयरपोर्ट का निर्माण बेहद जरूरी है. यहां से हवाई सेवा शुरू होने पर कोल्हान नेशनल लेवल पर एक मजबूत बिजनेस हब के रूप में उभर सकता है.
सुंदर रामम बिष्टुपुर स्थित चेंबर भवन में आयोजित सेमिनार में अपने विचार रख रहे थे. उन्होंने कहा कि सोनारी एयरपोर्ट का विस्तार करना आसान नहीं है, क्योंकि आसपास के इलाकों में काफी निर्माण हो चुका है. ऐसे में एयरपोर्ट के लिए नए विकल्पों पर विचार करना जरूरी है.
चेंबर भवन में आयोजित इस संगोष्ठी में राज्य के 19 जिलों के चेंबर प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम में झारखंड के इंडस्ट्रियल और आर्थिक विकास को लेकर लंबी अवधि की योजना तैयार करने पर चर्चा हुई. यह आयोजन सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफजेसीसीआई) की ओर से आयोजित किया गया.
कार्यक्रम में हजारीबाग, धनबाद, खूंटी, गुमला, गोड्डा, जामताड़ा, साहेबगंज, संथाल परगना, चाईबासा, पश्चिमी सिंहभूम, मधुपुर, देवघर समेत कई जिलों के चेंबर प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
अब कंपटीशन नहीं, सहयोग से होगा विकास
सिंहभूम चेंबर के अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि झारखंड बनने के बाद पहली बार राज्य के सभी चेंबर एक मंच पर आए हैं. अब सभी संगठन आपस में कंपटीशन करने के बजाय सहयोग के साथ काम करेंगे.सेमिनार में मिले सुझावों को एकत्र कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि झारखंड के लिए बेहतर और प्रभावी नीतियां बनाई जा सकें.
19 जिलों के प्रतिनिधियों ने रखीं समस्याएं
सेमिनार के दौरान अलग-अलग जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखीं. इनमें जमीन की उपलब्धता, इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी, सरकारी प्रक्रियाओं में देरी और उद्योगों से जुड़ी परेशानियां प्रमुख रहीं. अंत में सभी चेंबर प्रतिनिधियों ने राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया.
किसने क्या कहा ?
विजय आनंद मूनका: कोल्हान में एयरपोर्ट, हायर एजुकेशन, हेल्थ और टूरिज्म को प्राथमिकता देने की मांग की.
अनिल मोदी: सरकारी नीतियां बनाने में चेंबर प्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी तय करने की बात कही.
हर्ष बाकरेवाल: झारखंड को पूर्वी भारत का उभरता मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया.
राजीव अग्रवाल: स्टील डाउनस्ट्रीम, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर को बढ़ावा देने का सुझाव दिया.
10 साल में 1000 इंडस्ट्रियल यूनिट लगाने का लक्ष्य
एफजेसीसीआई के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड के 12 प्रोडक्ट्स को जीआई टैग मिला है. आईटी सेक्टर और नई इंडस्ट्रियल यूनिट्स की स्थापना से राज्य को नई पहचान मिलेगी. उन्होंने अगले 10 वर्षों में राज्य में 1000 नई इंडस्ट्रियल यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य दोहराया.
