गालूडीह के ब्लू पॉण्ड की खूबसूरती देख खिंचे चले आ रहे लोग, नीले रंग की सच्चाई जान हो जाएंगे हैरान... पढ़ें पूरी खबर

इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे 'ब्लू पॉइंट' की वजह से गालूडीह का एक तालाब युवा पीढ़ी के लिए फोटोशूट का नया अड्डा बन गया है. हालांकि, नीले पानी के पीछे छिपे सुरक्षा खतरों को लेकर चिंता बढ़ रही है.

गालूडीह: इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही रिल्स ने गालूडीह के उलदा स्थित स्लैग डंपिंग यार्ड के समीप बने तालाब को अचानक चर्चा में ला दिया है. सोशल मीडिया पर ‘ब्लू पॉइंट’ के नाम से पहचान बना चुकी इस जगह पर अब जमशेदपुर समेत दूर-दराज के इलाकों से युवक-युवतियां और कम उम्र के बच्चे फोटोशूट व रिल्स बनाने पहुंच रहे हैं. नीले रंग का दिखाई देने वाला पानी और स्लैग के पहाड़ का दृश्य कैमरे में आकर्षक जरूर नजर आता है, लेकिन इसके पीछे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

वायरल रिल्स के बाद बढ़ी लोगों की आवाजाही

वायरल पॉण्ड की तस्वीर

सोशल मीडिया पर जगह के वायरल होने के बाद यहां पहुंचने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई युवक-युवतियां तालाब के किनारे तक जाकर फोटो और वीडियो बना रहे हैं. बाहर से आने वाले अधिकांश लोगों को पानी की वास्तविक प्रकृति और संभावित जोखिम की जानकारी नहीं है. खास बात यह है कि तालाब के आसपास लोगों को सावधान करने के लिए फिलहाल कोई स्पष्ट चेतावनी बोर्ड नजर नहीं आता है. बारिश के दौरान तालाब की एक दीवार टूट गयी थी. इसके बाद बने रास्ते से लोगों का परिसर में प्रवेश आसान हो गया. हालांकि, अब लोगों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है.

स्लैग से जुड़े पानी को सामान्य जलस्रोत समझना ठीक नहीं

वायरल पॉण्ड

उलदा में टाटा स्टील की ओर से स्लैग डंपिंग के लिए स्लैग यार्ड बनाया गया है. यहां स्लैग का विशाल ढेर जमा है. प्रबंधन के अनुसार, स्लैग से निकलने वाले पानी को किसानों के खेतों और आसपास के इलाके में जाने से रोकने के लिए उसे एक स्थान पर जमा करने के उद्देश्य से ढलाई कर तालाब बनाया गया है. ऐसे में इस पानी को सामान्य तालाब का पानी समझना उचित नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि फोटोशूट और रिल्स के लिए बच्चों तक का तालाब के पास जाना चिंता का विषय है.

सुरक्षा इंतजाम को लेकर उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहा है कि यदि यह क्षेत्र आम लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है, तो यहां स्पष्ट चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया है. टूटे हिस्से की स्थायी मरम्मत और अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पुख्ता व्यवस्था की जरूरत है. स्लैग से संबंधित पानी के संपर्क में आने पर त्वचा संबंधी परेशानी की आशंका को देखते हुए लोगों को इससे दूरी बनाये रखने की जरूरत है. ‘ब्लू पॉइंट’ की बढ़ती लोकप्रियता के बीच किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए.

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By Prabhat khabar news desk

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