सड़क की बदहाली ने बढ़ायी मुसीबत, एंबुलेंस तक मरीज को खटिया पर ले जाते हैं ग्रामीण..

बहरागोड़ा के नयाग्राम गांव की 3 किलोमीटर सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों का जीवन दूभर कर दिया है. जर्जर सड़क के कारण एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को भारी परेशानी होती है.

बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड की डोमजुड़ी पंचायत के नयाग्राम गांव के करीब 45 परिवार इन दिनों जर्जर सड़क के कारण नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं. गांव तक पहुंचने वाली करीब तीन किलोमीटर सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. जगह-जगह सड़क से नुकीले पत्थर निकल आये हैं. बारिश के बाद स्थिति और बदतर हो गयी है. रविवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क की बदहाली पर नाराजगी जतायी और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की.

सड़क किनारे बिछी पाइपलाइन, बारिश में बह गयी मिट्टी

जर्जर सड़क को लेकर नाराजगी जताते ग्रामीण

ग्रामीणों के अनुसार, बरसात से पहले सड़क के किनारे पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था. भारी बारिश के बाद सड़क के दोनों ओर की मिट्टी बह गयी. इससे पहले से जर्जर सड़क और खतरनाक हो गयी. ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन का काम भी कई महीनों से बंद पड़ा है. संवेदक की लापरवाही का खामियाजा अब गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. आये दिन बुजुर्ग और स्कूली बच्चे सड़क पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं.

एंबुलेंस नहीं पहुंची, खटिया पर दो किमी ले गये ग्राम प्रधान

ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ग्राम प्रधान की अचानक तबीयत बिगड़ गयी. सूचना देने के बाद भी जर्जर सड़क के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी. ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें खटिया पर करीब दो किलोमीटर तक पैदल ले जाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया. ग्रामीणों का कहना है कि किसी गंभीर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी, तो सड़क की बदहाली जानलेवा साबित हो सकती है.

शादी-विवाह से स्कूल तक, हर जगह परेशानी

जर्जर सड़क के कारण गांव में चारपहिया वाहनों का पहुंचना मुश्किल है. इसका असर रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों पर भी पड़ रहा है. स्कूली बच्चों को भी खराब सड़क के कारण परेशानी उठानी पड़ती है. ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण गांव आज भी मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाया है.

कई बार की मांग, अब जल्द हो निर्माण : ग्रामीण

गुणधार पात्र ने कहा कि जर्जर सड़क के कारण ग्रामीण नारकीय जिंदगी जी रहे हैं. जनप्रतिनिधियों से कई बार सड़क निर्माण की मांग की गयी, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ. चितरंजन पात्र ने कहा कि सड़क खराब होने से बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान हैं और एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पा रही है.

सुभाष महापात्र ने कहा कि सड़क गांव के लिए अभिशाप बन गयी है. विश्व रंजन पात्र और फकीर मुंडा ने भी प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की. मौके पर प्रभास महापात्र, चित्त रंजन पात्र, रास बिहारी मुंडा, चंदन मुंडा, बिस्वजीत मुंडा, शत्रुघ्न मुंडा, सुरेश मुंडा, सुशांत महापात्र समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

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By Prabhat khabar news desk

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