जमशेदपुर : कोल्हान के जंगलों में सक्रिय एक करोड़ के इनामी नक्सली और सीसीएम असीम मंडल उर्फ आकाश की घेराबंदी के लिए सुरक्षा बलों ने अब ऑपरेशन तेज करने की तैयारी कर ली है. आकाश के साथ उसके दस्ते में शामिल राम प्रसाद मार्डी उर्फ सचिन समेत करीब छह से सात सदस्यों की तलाश में पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त रणनीति तैयार की गई है. बुधवार को कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने सीआरपीएफ डीआईजी, कोबरा बटालियन के अधिकारियों के साथ जमशेदपुर और सरायकेला के पुलिस पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की. एसएसपी कार्यालय के नए भवन स्थित प्रेक्षागृह में करीब दो घंटे चली बैठक में आकाश के दस्ते तक पहुंचने और उसकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर मंथन हुआ.
स्वतंत्रता दिवस से पहले हाई अलर्ट, नक्सलियों पर नजर
बैठक में स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया गया. सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि नक्सली स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश कर सकते हैं. इसी को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नक्सली गतिविधियों पर पैनी नजर रखने पर जोर दिया गया. जंगल और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की सक्रियता बढ़ाने की तैयारी है.
आकाश के साथ कौन-कौन?
पुलिस के अनुसार, आकाश के दस्ते में फिलहाल करीब छह से सात सदस्य बचे हैं. इनमें आकाश के अलावा राम प्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, उसकी पत्नी, मंगल सिंह सरदार, उसकी पत्नी मालती मुर्मू और अनीता कयाम उर्फ नूनी समेत अन्य सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि दस्ता झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे जंगलों का फायदा उठाकर लगातार अपनी जगह बदल रहा है. जंगलों की भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती इलाकों का इस्तेमाल कर दस्ता सुरक्षा बलों से बचने की कोशिश कर रहा है.
CRPF और कोबरा के साथ संयुक्त ऑपरेशन
कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने बताया - क्षेत्र में अब मुख्य रूप से असीम मंडल उर्फ आकाश का दस्ता ही सक्रिय है. उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए ऑपरेशन तेज किया जा रहा है. अभियान में जिला पुलिस के साथ सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की भी मदद ली जा रही है. बैठक में जमशेदपुर के पुलिस पदाधिकारियों के अलावा सरायकेला एसपी, सीआरपीएफ डीआईजी और कोबरा बटालियन के अधिकारी मौजूद रहे.
जंगल में घेराबंदी, सीमा पर निगरानी
कोल्हान के जंगलों में बचे नक्सली दस्ते को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अब किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं हैं. स्वतंत्रता दिवस से पहले अभियान तेज होने और संयुक्त बलों की सक्रियता बढ़ने से आने वाले दिनों में आकाश के दस्ते के खिलाफ कार्रवाई महत्वपूर्ण हो सकती है.
