Jamshedpur News : पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय यूनिवर्सिटी के वीसी के लिए सरकार ने भेजे चार नाम

पूर्वी सिंहभूम में राज्य का पहला जबकि देश का दूसरा जनजातीय विश्वविद्यालय बनने जा रहा है. पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.

पूर्वी सिंहभूम में राज्य का पहला जबकि देश का दूसरा जनजातीय विश्वविद्यालय बनने जा रहा है

संदीप सावर्ण, जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम में राज्य का पहला जबकि देश का दूसरा जनजातीय विश्वविद्यालय बनने जा रहा है. पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. इसके लिए सरकार के स्तर से कुल चार नामों को सूचीबद्ध कर राज्यपाल के पास भेजा गया है. इसमें सभी उम्मीदवार आदिवासी समुदाय से ही हैं. राज्यपाल द्वारा कुलपति की नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगेगी. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने बताया कि जल्द ही कुलपति की नियुक्ति हो जाएगी, जिसके बाद विवि निर्माण की प्रक्रिया में तेजी आएगी. शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के अनुसार विश्वविद्यालय संचालन के लिए कुल 129 पदों का सृजन किया गया है. जिसमें करीब 74 प्रोफेसर होंगे. जिसमें कुलपति, प्रतिकुलपति, रजिस्ट्रार, वित्त परामर्शी, परीक्षा नियंत्रक, वित्त पदाधिकारी के साथ ही अन्य प्रशासनिक और शैक्षणिक कर्मचारी शामिल होंगे.

बनेगा आदिवासी व जनजातीय म्यूजियम

शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने बताया कि विश्वविद्यालय के साथ ही आदिवासी जनजातीय म्यूजियम का भी निर्माण किया जा रहा है. जहां आदिवासी संस्कृति, आदिवासियों के पुरोधा, उनकी कुर्बानी, आदिवासियों के कल्चर, आदिवासी समाज की उपलब्धि से जुड़ी बातों से सभी को अवगत कराया जाएगा. इसके लिए बजट में भी प्रावधान तय किए गए हैं. इस विश्वविद्यालय का मुख्यालय जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित प्रोफेशनल कॉलेज में होगा. वास्तविक परिसर के लिए पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल के हेंदलजुड़ी पंचायत अंतर्गत डांगाटॉड़ मैदान में भूमि आवंटित की गई है. उक्त विवि में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री और स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई की जाएगी.

शुरू में इन संकायों की पढ़ाई होगी

•अर्थशास्त्र•इतिहास और पुरातत्व•भूगोल और क्षेत्रीय विकास• सामाजशास्त्र

•मानव विज्ञान और प्रथागत कानून• प्रवासन और श्रम अध्ययन•राजनीति विज्ञान•शांति और संघर्ष अध्ययन•हिंदी, संताली, हो, नागपुरी, कुड़ुख, मुंडारी, कुरमाली, खड़िया, पंचपरगनिया, खोरठा जैसी जनजातीय भाषाएं•दर्शनशास्त्र, अंग्रेजी और अन्य विदेशी भाषाएं•औषधीय, सुगंधित तथा कृषि पौधों एवं पारंपरिक चिकित्सा•ग्रामीण तथा वन प्रबंधन एवं पर्यावरण विज्ञान•कानून, पर्यटन, आतिथ्य और होटल प्रबंधन•कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी•जनजातीय कला, लोक साहित्य तथा संस्कृति•लोक अध्ययन, इतिहास तथा संग्रहालय विज्ञान•जनजातीय तथा तुलनात्मक भाषा विज्ञान•ललित कला, मंच कला, शारीरिक शिक्षा

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