Jamshedpur news. उज्ज्वला योजना के उन 3200 लाभार्थियों को खोज रहा है विभाग, जिन्होंने पहले सिलिंडर लिया, फिर दूसरा लेने कभी आये ही नहीं

पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां के उज्ज्वला योजना कनेक्शनधारियों को इ-केवाइसी री-केवाइसी कराने का निर्देश

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इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारी पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के 3200 से अधिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना उन लाभार्थियों को तलाश रहे हैं, जिन्होंने 2017 में मिले मुफ्त सिलिंडर के बाद से एक बार भी रिफिल नहीं कराया है. इंडियन ऑयल के अधिकारियों को संदेह है कि ऐसे लाभार्थियों ने जानकारी या फिर किसी के बहकावे में आकर अपने नाम के कनेक्शन-सिलिंडर औने-पौन दाम पर बेच दिये हैं. इन लाभार्थियों के अलावा अन्य सभी को फिर से इ-केवाइसी या री-केवाइसी कराने का निर्देश दिया गया है.

खोजने पर नहीं मिले, तो दूसरे को मिलेगा कनेक्शन

इंडियन ऑयल के नोडल ऑफिसर ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित क्षेत्र के उज्ज्वला लाभार्थियों का पता लगायें व इ-केवाइसी करायें. नहीं मिलने की स्थिति में इसकी रिपोर्ट विभाग को सौंपे, ताकि उनके कनेक्शन बंद कर नये आवेदकों को दिये जा सके. पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में डेढ़ लाख से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन धारक हैं, जिनमें से अधिकांश ने इ-केवाइसी करा लिया है. उल्लेख्यनीय है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में की थी.

इ-केवाइसी फिर से करानी होगी, तभी मिलेगा सिलिंडर

इंडियन ऑयल के अधिकारी के मुताबिक उज्ज्वला रसोई गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अपनी इ-केवाइसी फिर से करानी होगी. इ-केवाइसी नहीं कराने वाले इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के रसोई गैस उपभोक्ताओं को अगले माह से सिलिंडर नहीं मिलेगा और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी भी बंद हो सकती है. गैस एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने माह अंत तक इन उपभोक्ताओं की इ-केवाइसी कराने के निर्देश दिये हैं. उन्होंने बताया कि इ-केवाइसी के लिए आधार कार्ड की कॉपी और मोबाइल नंबर अनिवार्य है. कहा गया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को इसका लाभ लेने के लिए इ-केवाइसी अनिवार्य रूप से करानी चाहिए.

कनेक्शन का अवैध तरीके से इस्तेमाल करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी

इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से 3200 से अधिक उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों का सिलिंडर रिफिल कराने के लिए नहीं आना साफ संकेत देता है कि इन लोगों ने अपने कनेक्शन किसी अन्य को सौंप दिये हैं या बेच दिये हैं. विभाग का मानना है कि अगर ऐसा होता तो यह दोनों ही किस्म से अवैध हस्तांतरण का मामला होगा. नियमानुसार जिसके नाम से स्थान के लिए गैस का कनेक्शन आवंटित किया गया है, उसी नाम का व्यक्ति-उसका परिवार, दर्शाया स्थल पर उसका इस्तेमाल कर सकता है. ऐसा नहीं होने पर उसका कनेक्शन तो ब्लॉक होगा ही, साथ ही अवैध तरीके से इस्तेमाल करनेवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी.

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