Jamshedpur News : टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 13 को, संविधान संशोधन का आयेगा प्रस्ताव

Jamshedpur News : टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 13 नवंबर को आहूत की गयी है. इसको लेकर सरकुलर शुक्रवार को निकलने की संभावना है.

कमेटी मेंबरों की बढ़ेंगी सुविधाएं

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टाटा वर्कर्स यूनियन का कमेटी मीटिंग 13 नवंबर को आहूत की गयी है. इसको लेकर सरकुलर शुक्रवार को निकलने की संभावना है. बताया जाता है कि इस बार संविधान संशोधन का प्रस्ताव कमेटी मीटिंग में होगी. इसको लेकर ऑफिस बियररों की मीटिंग हो चुकी है. फाइनांस कमेटी की बैठक होने के बाद ऑफिस बियररों की बैठक में यह तय हो चुका है कि संविधान संशोधन होगा. कमेटी मीटिंग में इसको पारित कराने के बाद संविधान संशोधन के लिए आमसभा (एजीएम) होगा, जिसके बाद इसको मंजूरी दे दी जायेगी. संविधान संशोधन के तहत 214 कमेटी मेंबरों की संख्या घटाकर 150 से 170 तक की जा सकती है. पदाधिकारियों की संख्या भी घटायी जायेगी. नया संविधान नये कार्यकाल से लागू होगा. कमेटी मेंबरों की संख्या घटने के साथ ही उनकी सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी. कर्मचारियों का काम करने के लिए उनको काम से छूट मिलेगी, ताकि वे यूनियन और कर्मचारी हित में काम कर सकें. अभी उनको आधिकारिक तौर पर छूट नहीं मिलती है और कई कमेटी मेंबरों पर कार्रवाई भी हो चुकी है.

यूनियन के पिछले चुनाव के दौरान कंपनी के 32 से अधिक विभाग (निर्वाचन क्षेत्र) ऐसे चिह्नित किये, जहां कर्मचारियों की संख्या मात्र 30 से 35 है. इसके बाद यूनियन नेताओं को स्पष्ट कर दिया गया है कि वर्तमान में 15 से 20 कर्मचारियों पर एक कमेटी मेंबर होना तर्क संगत नहीं है. यूनियन का जब संविधान बना था उस समय कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या 90 हजार के आसपास थी. वर्तमान में यह घटकर 11 हजार हो चुकी है. अभी 60 कमेटी मेंबर ऐसे हैं, जिनके निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की औसत संख्या 50 है. 30 कमेटी मेंबर ऐसे हैं, जिनके मतदाताओं की औसत संख्या 75 है. 32 से अधिक कमेटी मेंबर ऐसे हैं, जिन्हें औसत 30 से 35 कर्मचारी ही चुनते हैं. ऐसे में अभी इसकी संख्या बढ़ायी जायेगी. कम से कम 100 कर्मचारी पर एक कमेटी मेंबर रखने की योजना है. यूनियन के संविधान में वर्ष 2012 में संशोधन किया गया था. वर्ष 2012 से पहले यूनियन में वर्कर्स के अलावा सुपरवाइजरी यूनिट होती थी. वर्कर्स के 214 कमेटी मेंबरों के अलावा 90 कमेटी मेंबर सुपरवाइजरी यूनिट के होते थे. लेकिन सुपरवाइजरों की संख्या कम होने पर प्रबंधन के कहने पर यूनियन ने संविधान संशोधन कर सुपरवाइजरी यूनिट को वर्कर्स यूनिट में समायोजन कर दिया था.

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Author: RAJESH SINGH

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