जमशेदपुर. टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए इस बार बोनस समझौता कई मायनों में खास है. कंपनी ने कर्मचारियों को कुल 315 करोड़ रुपये बोनस देने की घोषणा की है. बोनस समझौता होने के बाद टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी कमेटी मेंबरों को इसकी जानकारी देने के लिए यूनियन ऑफिस पहुंचे. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु के पहुंचने पर उनके समर्थन में लोगों ने जमकर नारेबाजी की. कमेटी मेंबरों ने विजेता के तौर पर माला पहनाकर यूनियन नेतृत्व का स्वागत किया. इस दौरान आतिशबाजी की गयी और ढोल-नगाड़े भी बजाये गये.
2026 में न्यूनतम 52 हजार से अधिकतम 4.25 लाख रुपये बोनस
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए टाटा स्टील के कर्मचारियों को न्यूनतम 52,000 रुपये और अधिकतम 4,25,000 रुपये बोनस मिलेगा. पिछले वर्षों की तुलना में इस बार बोनस की राशि और न्यूनतम-अधिकतम भुगतान दोनों में बदलाव हुआ है.
| वित्तीय वर्ष | न्यूनतम बोनस | अधिकतम बोनस |
| 2025-26 | 52,000 रुपये | 4,25,000 रुपये |
| 2024-25 | 39,004 रुपये | 3,92,213 रुपये |
| 2023-24 | 38,203 रुपये | 4,09,462 रुपये |
| 2022-23 | 42,561 रुपये | 4,61,019 रुपये |
| 2021-22 | 61,448 रुपये | 4,78,411 रुपये |
| 2020-21 | 34,920 रुपये | 3,59,029 रुपये |
| 2019-20 | 26,839 रुपये | 3,01,402 रुपये |
| 2018-19 | 47,444 रुपये | 2,68,767 रुपये |
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस
टाटा स्टील में हुए बोनस समझौते का लाभ जमशेदपुर के अलावा गम्हरिया, टाटा स्टील ग्रोथ शॉप, बियरिंग डिवीजन, मेटालिक्स, आयरन ओर माइंस, कोलियरी, मार्केटिंग और सेल्स के कर्मचारियों को मिलेगा.
वहीं टाटा स्टील के मेरामंडली प्लांट, खपोली, लुधियाना, साहिबाबाद समेत कई अन्य प्लांट के कर्मचारियों को इस बोनस समझौते का लाभ नहीं मिलेगा.
315 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंची बोनस राशि
टाटा स्टील में बोनस का निर्धारण कंपनी के मुनाफे, बिक्री, स्टील उत्पादकता और सुरक्षा जैसे मानकों को जोड़कर तय किये गये फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है. मौजूदा बोनस फॉर्मूले में कंपनी के प्रदर्शन के साथ कर्मचारियों की उत्पादकता और सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.
इस साल कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़कर 675 मीट्रिक टन प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष हो गयी है. पहले अधिकतम 600 टन प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष के आधार पर गणना की जाती थी. उत्पादकता में हुई इस बढ़ोतरी के कारण बोनस फॉर्मूले में अतिरिक्त राशि जुड़ी और कर्मचारियों को करीब 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त बोनस का लाभ मिला.
सुरक्षा भी बोनस फॉर्मूले का अहम हिस्सा है. एलटीएफआर यानी लॉस्ट टाइम फ्रिक्वेंसी रेट के आधार पर भी बोनस की राशि तय होती है. यदि एलटीएफआर शून्य रहता है तो 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रहता है. 0.2 से 0.4 के बीच एलटीएफआर होने पर 5 करोड़ रुपये मिलते हैं. एलटीएफआर 0.4 से ऊपर जाने पर सुरक्षा से जुड़े बोनस का लाभ प्रभावित होता है. यानी सुरक्षा प्रदर्शन बोनस की अंतिम राशि पर सीधा असर डालता है.
2012 में बना था मौजूदा बोनस फॉर्मूला
टाटा स्टील कर्मचारियों के लिए वर्तमान में लागू बोनस फॉर्मूले का समझौता वर्ष 2012 में हुआ था. तत्कालीन टाटा वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद के नेतृत्व में हुए इस समझौते में कंपनी के प्रॉफिट का 1.5 प्रतिशत, प्रॉफिटेबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और सेफ्टी को आधार बनाया गया था.
इसी फॉर्मूले के आधार पर करीब 14 वर्षों से कर्मचारियों का बोनस तय किया जा रहा है. इस व्यवस्था के कारण कंपनी के प्रदर्शन के साथ कर्मचारियों को भी उसका लाभ मिलता रहा है.
साल-दर-साल ऐसे बढ़ती गयी बोनस राशि
नीचे उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार कंपनी के मुनाफे, बोनस राशि और बोनस प्रतिशत का विवरण दिया गया है.
| वर्ष | कंपनी का लाभ | बोनस राशि | बोनस प्रतिशत |
| 1991 | 160.13 करोड़ रुपये | 38.60 करोड़ रुपये | 20 |
| 1992 | 214.16 करोड़ रुपये | 44.54 करोड़ रुपये | 20 |
| 1993 | 127.12 करोड़ रुपये | 50.75 करोड़ रुपये | 20 |
| 1994 | 180.84 करोड़ रुपये | 54.00 करोड़ रुपये | 20 |
| 1995 | 281.12 करोड़ रुपये | 66.04 करोड़ रुपये | 20 |
| 1996 | 465.79 करोड़ रुपये | 76.46 करोड़ रुपये | 20 |
| 1997 | 469.21 करोड़ रुपये | 75.86 करोड़ रुपये | 20 |
| 1998 | 322.08 करोड़ रुपये | 72.83 करोड़ रुपये | 17.50 |
| 1999 | 282.23 करोड़ रुपये | 69.61 करोड़ रुपये | 16 |
| 2000 | 422.59 करोड़ रुपये | 75.55 करोड़ रुपये | — |
| 2001 | 553.44 करोड़ रुपये | 78.00 करोड़ रुपये | 15 |
| 2002 | 204.90 करोड़ रुपये | 83.00 करोड़ रुपये | 18 |
| 2003 | 1,012.31 करोड़ रुपये | 102.07 करोड़ रुपये | 20 |
| 2004 | 1,746.22 करोड़ रुपये | 102.00 करोड़ रुपये | 20 |
| 2005 | 3,474.16 करोड़ रुपये | 98.10 करोड़ रुपये | 20 |
| 2006 | 3,506.38 करोड़ रुपये | 102.01 करोड़ रुपये | 20 |
| 2007 | 4,222.15 करोड़ रुपये | 107.00 करोड़ रुपये | 20 |
| 2008 | 4,687.03 करोड़ रुपये | 113.00 करोड़ रुपये | 20 |
| 2009 | 5,201.74 करोड़ रुपये | 139.00 करोड़ रुपये | 18.50 |
| 2010 | 5,046.80 करोड़ रुपये | 143.00 करोड़ रुपये | 17.50 |
| 2011 | 6,217.69 करोड़ रुपये | 171.00 करोड़ रुपये | 18.50 |
| 2012 | 6,184.00 करोड़ रुपये | 182.47 करोड़ रुपये | 17.69 |
| 2013 | 5,050.64 करोड़ रुपये | 180.50 करोड़ रुपये | 16.01 |
| 2014 | 6,553.95 करोड़ रुपये | 193.34 करोड़ रुपये | 15.46 |
| 2015 | 6,500.00 करोड़ रुपये | 154.72 करोड़ रुपये | 8.53 |
| 2016 | 4,900.00 करोड़ रुपये | 130.00 करोड़ रुपये | 8.60 |
| 2017 | 3,933.17 करोड़ रुपये | 164.00 करोड़ रुपये | 11.27 |
| 2018 | 6,682.49 करोड़ रुपये | 203.24 करोड़ रुपये | 12.54 |
| 2019 | 6,323.00 करोड़ रुपये | 239.61 करोड़ रुपये | 15.86 |
| 2020 | 7,935.89 करोड़ रुपये | 235.54 करोड़ रुपये | 12.90 |
| 2021 | 9,752.13 करोड़ रुपये | 270.28 करोड़ रुपये | 16 |
| 2022 | 33,011 करोड़ रुपये | 317.51 करोड़ रुपये | 20 |
| 2023 | 11,275.09 करोड़ रुपये | 314.70 करोड़ रुपये | 17 |
| 2024 | 9,275.00 करोड़ रुपये | 303.13 करोड़ रुपये | 17.89 |
| 2025 | 9,255.05 करोड़ रुपये | 303.13 करोड़ रुपये | 16.68 |
| 2026 | 11,035.24 करोड़ रुपये | 315.00 करोड़ रुपये | 18.67 |
टाटा स्टील के पुराने बोनस समझौतों के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी बोनस प्रतिशत और भुगतान की प्रक्रिया दर्ज है. उदाहरण के लिए, 2006-07 के लिए बोनस 20 प्रतिशत किया गया था और करीब 107 करोड़ रुपये का भुगतान तय हुआ था. वहीं 2009-10 के लिए बोनस 17.5 प्रतिशत और करीब 155 करोड़ रुपये का भुगतान बताया गया था.
2022 में पहली बार 300 करोड़ के पार पहुंचा बोनस
टाटा स्टील कर्मचारियों के बोनस की राशि लंबे समय में लगातार बढ़ी है. वर्ष 1995 के आसपास कंपनी का मुनाफा 200 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचने के बाद बोनस राशि में भी बढ़ोतरी का सिलसिला तेज हुआ. वर्ष 2022 में पहली बार बोनस राशि 300 करोड़ रुपये के पार पहुंची और 317.51 करोड़ रुपये तक गयी.
इसके बाद 2023 में 314.70 करोड़ रुपये, 2024 में 303.13 करोड़ रुपये और 2025 में 303.13 करोड़ रुपये बोनस राशि रही. अब 2026 में 315 करोड़ रुपये बोनस तय हुआ है.
