जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में अब काम के वक्त ड्यूटी से गायब रहने वाले तथाकथित ‘एक्टिव मेंबर्स’ और यूनियन नेताओं के करीबियों की मनमानी नहीं चलेगी. प्रबंधन ने ड्यूटी छोड़कर इधर-उधर घूमने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें सीधे प्रोडक्शन लाइन पर काम में लगाया जा रहा है. इस कार्रवाई से कंपनी के भीतर हड़कंप मचा गया है.
मशीन शॉप से हटाकर मेन असेंबली भेजा, अब पूरा करना होगा 8 घंटा काम
यूनियन सूत्रों का कहना है कि पहली गाज पूर्व चुनाव पदाधिकारी पर गिरी है. उन्हें मशीन शॉप से हटाकर सीधे मेन असेंबली लाइन में काम पर लगा दिया गया है. जो लोग पहले सिर्फ तीन-चार घंटे रहकर लंच के समय ही निकल जाते थे, उन्हें अब पूरे आठ घंटे काम करने का फरमान सुना दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि यूनियन के बड़े नेताओं से भी कोई राहत नहीं मिली. नेताओं ने साफ कह दिया कि काम करिये.
एक्सेल हेड ने दिखाया कड़ा रुख, दूसरे विभागों पर भी नजर
एक्सेल डिवीजन के हेड एके दास के नेतृत्व में सख्ती के बाद अन्य विभागों में भी सक्रिय सदस्यों पर भी नजर रखी जा रही है. प्लांट में चर्चा है कि एक्सेल डिवीजन के बाद अब बाकी विभागों में भी ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट बन रही है, जो ड्यूटी के दौरान नदारद रहते हैं. आने वाले दिनों में उन पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है.
