Jamshedpur News : टाटा मोटर्स में टीएमएसटी प्रशिक्षुओं की बहाली में फंसा पेंच, नैप्स ट्रेनिंग पर विरोध

Jamshedpur News : टाटा मोटर्स में तीन साल की स्किल्ड ट्रेनिंग (टीएमएसटी) पूरी कर चुके प्रशिक्षुओं की बहाली में पेंच फंस गया है.

आक्रोशित प्रशिक्षुओं ने फॉर्म भरने से किया इनकार, एमटीसी में आज जुटेंगे टीएमएसटी प्रशिक्षु

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टाटा मोटर्स में तीन साल की स्किल्ड ट्रेनिंग (टीएमएसटी) पूरी कर चुके प्रशिक्षुओं की बहाली में पेंच फंस गया है. शुक्रवार को कंपनी के बुलावे पर मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर (एमटीसी) पहुंचे प्रशिक्षुओं ने नेशनल अपरेंटिस प्रमोशन स्कीम (नैप्स) के तहत ट्रेनिंग के लिए फॉर्म भरने का विरोध दर्ज कराया है. आक्रोशित प्रशिक्षुओं ने फॉर्म भरने से इनकार कर दिया. प्रशिक्षुओं का कहना है कि कंपनी और टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के बीच पहले ही यह सहमति बन चुकी थी कि टीएमएसटी प्रशिक्षुओं को सीधे तौर पर कंपनी में बहाल किया जायेगा.

शुक्रवार को मैनेजमेंट ट्रेनिंग सेंटर (एमटीसी) में बुला उनकी नियुक्ति से पहले उन्हें नैप्स के माध्यम से ट्रेनिंग की बात कही जा रही है. अब, अचानक थर्ड पार्टी नैप्स के माध्यम से ट्रेनिंग का प्रस्ताव आने से प्रशिक्षुओं को लग रहा है कि उनकी सीधी बहाली के वादे से प्रबंधन पीछे हट रहा है. उन्हें इस बात का भी डर है कि नैप्स ट्रेनिंग के बाद उनकी बहाली निश्चित होगी या नहीं, इस पर भी संशय है. प्रशुक्षिओं ने कहा कि उन्हें एमटीसी में कहा गया है कि थर्ड पार्टी नैप्स के माध्यम से ही भविष्य में उनका कैंपस होगा. जिससे प्रशिक्षुओं में काफी आक्रोश व्याप्त है.

महामंत्री से मिल प्रशिक्षुओं ने दी जानकारी

आक्रोशित प्रशिक्षुओं ने तत्काल टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह से मुलाकात कर सारी जानकारी से अवगत कराया. महामंत्री ने इस मामले को लेकर प्रबंधन से बातचीत करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रशिक्षु वापस लौटे. लगभग 148 प्रशिक्षु हैं, जो तीन साल का स्किल्ड ट्रेनिंग (टीएमएसटी) पूरी कर चुके हैं और नियोजन के इंतजार में बैठे हुए हैं. यूनियन नेतृत्व से पूछे जाने पर कहा कि मामले की जानकारी प्रशिक्षुओं से मिली है. इस मामले में प्रबंधन से बातचीत की जायेगी. कंपनी प्रबंधन की ओर से इस मामले में आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है.

आज एमटीसी में जुटेंगे टीएमएसटी प्रशिक्षु

शनिवार को सभी टीएमएसटी प्रशिक्षु एक बार फिर एमटीसी में जुटेंगे, ताकि इस मामले में आगे की रणनीति तैयार करेंगे. फिलहाल, सभी की निगाहें शनिवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां इस मामले का कोई समाधान निकलने की उम्मीद है.

प्रशिक्षुओं ने लगाया आरोप

प्रशिक्षुओं का कहना है कि पूर्व में हुए समझौते के अनुसार, इस साल के बोनस समझौते के दौरान भी यह तय हुआ था कि अक्टूबर से उनकी बहाली प्रक्रिया शुरू होगी. इस योजना के तहत, 25-25 के बैच में उनकी नियुक्ति की जायेगी. उन्हें पांच दिन शॉप फ्लोर पर और एक दिन एमटीसी में अरका जैन विश्वविद्यालय के माध्यम से ट्रेनिंग दी जायेगी. यह भी तय हुआ था कि कंपनी के खर्च पर उन्हें डिप्लोमा कराया जायेगा और उसके बाद ही कंपनी में उनका नियोजन होगा. इतना ही नहीं, समझौते में यह भी प्रावधान था कि जो कर्मचारी पुत्र या पुत्री आगे पढ़ना चाहते हैं, उन्हें बीटेक और एमटेक तक की पढ़ाई अरका जैन विश्वविद्यालय से कंपनी द्वारा करायी जायेगी. साथ ही, रजिस्टर्ड वार्ड को एफटीए (फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट) के तहत ट्रेनिंग देकर डिप्लोमा, बीटेक आदि की पढ़ाई की व्यवस्था करके प्रशिक्षित मैनपावर को कंपनी में बहाल किया जायेगा. तीन साल का डिप्लोमा पूरा करने के बाद, ये प्रशिक्षु आगे चलकर सुपरवाइजर या एसोसिएट जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकते थे और कंपनी में निकलने वाली बहाली में शामिल होकर पदोन्नति भी पा सकते थे.

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Author: RAJESH SINGH

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