Jamshedpur news.
माझी परगना महाल की ओर से कलिकापुर में एक दिवसीय सामाजिक व पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था सशक्तिकरण करने के लिए सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसके साथ ही आदिवासी समाज की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था, संवैधानिक अधिकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी मंथन किया गया. कार्यक्रम में परगना आयो पुंता मुर्मू ने समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं का समाज में योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है. उनकी सक्रिय भागीदारी से आदिवासी समाज को और सशक्त बनाया जा सकता है. उन्होंने शिक्षा, सामाजिक कार्यों और पारंपरिक नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया.सम्मेलन में जुगसलाई तोरोप परगना बाबा दसमत हांसदा ने कहा कि आदिवासी समाज को सशक्त करने के लिए युवाओं और परंपरागत नेतृत्व को एकजुट होकर आगे आना होगा. मजबूत नेतृत्व ही सामाजिक न्याय, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को सुनिश्चित कर सकता है. उन्होंने खासकर युवाओं को आगे बढ़ने और समाज में नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया. सम्मेलन में हल्दीपोखर तोरोप परगना सुशील हांसदा, आसनबनी तोरोप परगना हरिपोदो मुर्मू, बाबा माझी, पराणिक, नायके, गोडेत, माझी आयो सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ ग्रामीणजन एवं समाज के अन्य लोग उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
