Jamshedpur News : मुआवजा व मृत्यु प्रमाण पत्र के लिये पहुंची अंचल व जेएनएसी की टीम को बस्तीवासियों ने लौटाया

Jamshedpur News : भुइयांडीह के बाबूडीह कोंदा बस्ती के दो छात्र निखिल महानंद मुखी और सूरज सांडिल की नदी में डूबने के मौत के मामले में शुक्रवार को अंचल कार्यालय के सीआइ को लौटा दिया.

विधायक के नहीं पहुंचने से लोगों में था आक्रोश

लोगों ने कहा- ना प्रशासन और ना ही विधायक का मिला सहयोग

बाबूडीह के दो छात्रों के नदी में डूबने से मौत का मामला

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भुइयांडीह के बाबूडीह कोंदा बस्ती के दो छात्र निखिल महानंद मुखी और सूरज सांडिल की नदी में डूबने के मौत के मामले में शुक्रवार को अंचल कार्यालय के सीआइ बलवंत सिंह और कर्मचारी चंद्रशेखर पांडेय परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने की कार्रवाई के लिये पहुंचे. इसके अलावा जेएनएसी की टीम मृतकों का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिये घर तक पहुंची. लेकिन टीम को देख मृतक के घरवाले व स्थानीय लोग आक्रोशित हो गये. गुस्साये लोगों ने काफी हंगामा किया और टीम के सदस्यों को वापस भेज दिया. मृतक के परिजन व स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन व स्थानीय विधायक के खिलाफ आक्रोश था. स्थानीय लोगों के अनुसार 22 अप्रैल को दोनों बच्चे निखिल और सूरज नदी में नहाने के दौरान डूब गये थे. लेकिन जिला प्रशासन की तरफ से दोनों को खोजने में कोई मदद नहीं की गयी. प्रशासन की तरफ से केवल खानापूर्ति की गयी. हमलोग मदद के लिए विधायक पूर्णिमा साहू के पास भी गये थे. उन्होंने सिर्फ आश्वासन दिया कि उपायुक्त से एनडीआरएफ के लिये वार्ता हो गयी है, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. घटना के चार दिन बीत गये, लेकिन अबतक विधायक हाल जानने भी नहीं पहुंची है. परिजनों के अनुसार जब मदद की जरूरत थी तो किसी ने साथ नहीं दिया. लोगों का आक्रोश देख सीआइ बलवंत सिंह समेत उनकी और जेएनएसी की टीम वापस लौट गयी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मिलेगी सहायता राशि

अंचल कार्यालय की टीम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर सरकारी सहायता के रूप में चार लाख रुपये पीड़ित परिवार को मिलेगा. वहीं, जेएनएसी की टीम ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का होना अनिवार्य है.

22 अप्रैल को डूबने से दोनों छात्र की हो गयी थी मौत

मालूम हो कि गत 22 अप्रैल को भुइयांडीह बाबूडीह कोंदा बस्ती के सूरज सांडिल और निखिल महानंद मुखी नहाने के दौरान सुवर्णरेखा नदी में डूब गये थे. 23 अप्रैल को परिजन ने स्थानीय लोगों की मदद से निखिल महानंद मुखी का शव नदी से बरामद किया था, जबकि 24 अप्रैल को सूरज सांडिल का शव नदी में मिला था. निखिल महानंद मुखी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार किया गया था. जबकि सूरज सांडिल के घरवालों ने बिना पोस्टमार्टम के ही शव को दफना दिया था.

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Author: RAJESH SINGH

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