‘डर के आगे जीत है’ के साथ जमशेदपुर में स्काई डाइविंग फेस्टिवल का आगाज, पढ़ें डाइवर्स के अनुभव

Sky Diving Festival Jamshedpur: झारखंड में पहले स्काई डाइविंग फेस्टिवल का आगाज हो गया है. जमशेदपुर में पहले दिन 9 लोगों ने स्काई डाइविंग की. महिला डाइवर ने कहा- डर के आगे जीत है.

Sky Diving Festival Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम के जिला मुख्यालय जमशेदपुर में सोनारी एयरपोर्ट पर रविवार को स्काई डाइविंग फेस्टिवल का शानदार आगाज हुआ. हवाई जहाज से कूदने के शौकीनों में डर और उमंग दोनों देखने को मिला. झारखंड पर्यटन विभाग और स्काई हाई इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्काई डाइविंग फेस्टिवल-2025 का शुभारंभ झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्काई डाइविंग फेस्टिवल की शुरुआत झारखंड में पहली बार हो रहा है. जमशेदपुर में इसकी शुरुआत की गयी, क्योंकि इस शहर में सभी प्रदेश, जाति और धर्म के लोग रहते हैं. नयी चीजों को देखने के लिए शहर के लोग काफी उत्साहित रहते हैं. स्काई डाइविंग फेस्टिवल में भी यही देखने को मिला. उन्होंने कहा कि अब तक 55 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. यह अच्छी बात है. आने वाले दिनों में पर्यटन विभाग ऐसे ही कई एडवेंचर की शुरुआत करेगा. पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त अनन्य मित्तल, एसएसपी किशोर कौशल, एसडीओ शताब्दी मजूमदार समेत कई पदाधिकारियों ने स्काई डाइवर्स से मिलकर उनके अनुभव जाने.

एडवेंचर्स लवर्स का पसंदीदा गंतव्य बना जमशेदपुर

एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू हुए स्काई डाइविंग फेस्टिवल की वजह से एडवेंचर लवर्स के लिए जमशेदपुर पसंदीदा गंतव्य बन जायेगा. 16 फरवरी से 23 फरवरी 2025 तक चलने वाले इस स्काई डाइविंग फेस्टिवल के पहले दिन कुल 9 लोगों ने स्काई डाइविंग की. इनमें दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल थे. स्काई हाई की ऑपरेशन टीम के आदित्य ने बताया कि झारखंड में पहली बार स्काई डाइविंग फेस्टिवल हो रहा है. हर दिन सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक 10 लोग स्काई डाइविंग कर सकेंगे.

स्काई डाइविंग के लिए सोनारी एयरपोर्ट पर विमान में सवार होते प्रतिभागी. फोटो : ऋषि
  • सोनारी हवाई अड्डा पर पर्यटन मंत्री ने किया उद्घाटन
  • उत्साह और जोश में दिखे स्काई डाइवर्स
  • पहले दिन नौ लोगों ने की स्काई डाइविंग
  • अब तक 55 लोग करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन
  • आज से सुबह साढ़े आठ बजे शुरू होगी स्काई डाइविंग
  • 23 फरवरी 2025 तक होगी स्काई डाइविंग
  • हर दिन 10 लोग कर सकेंगे स्काई डाइविंग

सबसे पहले केके पांडेय और स्वाति चक्रवर्ती ने की स्काई डाइविंग

जमशेदपुर के केके पांडेय और स्वाति चक्रवर्ती ने सबसे पहले स्काई डाइविंग की. इसके लिए एयरक्राफ्ट में सुरक्षा के सारे इंतजाम किये गये थे. 2 प्रशिक्षक भी मौजूद थे. करीब 8500 फीट की ऊंचाई पर जाने के बाद प्रशिक्षक ने स्काई डाइवर्स को छलांग लगाने से पहले कई जानकारी दी. सूटेबल ड्रॉप जोन पर आने के बाद प्रशिक्षक डाइवर्स को लेकर कूदे. 20-30 सेकेंड के फ्री फॉल (बिना पैराशूट के) के बाद प्रशिक्षक के निर्देश पर पैराशूट को खोला. फिर करीब 5 मिनट में स्काई डाइवर्स जमीन पर आ गये. प्रशिक्षक ने बताया कि टेक ऑफ से लैंडिंग तक में 25 से 30 मिनट का समय लगता है.

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मुस्कुराते हुए आये डाइवर्स

स्काई डाइविंग करने के बाद किसी भी डाइवर के चेहरे पर डर नाम की कोई चीज नहीं थी. वे मुस्कुराते हुए ग्राउंड से बाहर आये. उनके चेहरे की खुशी बता रही थी कि उन्होंने वो हासिल कर लिया है, जो वह चाहते थे. कई लोग ऐसे थे, जो अपने अनुभव को शब्दों में बयां भी नहीं कर पा रहे थे. सभी काफी रोमांचित थे.

कड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था

स्काई डाइविंग फेस्टिवल के आयोजन के दौरान सोनारी एयरपोर्ट पर सुरक्षा-व्यवस्था के चाक-चौबंद इंतजाम थे. बिना पास के हवाई अड्डा परिसर में किसी को जाने की अनुमति नहीं थी. 3 जगह चेकिंग प्वाइंट बने थे. मीडिया को भी इंट्री पास से ही अंदर जाने की अनुमति थी. शहर के उत्साहित लोग स्काई डाइविंग देखने के लिए हवाई अड्डा के आसपास घूमते देखे गये.

झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने किया स्काई डाइविंग फेस्टिवल का उद्घाटन. फोटो : ऋषि

जोश और उत्साह से भरे हैं जमशेदपुर के लोग : दिग्विजय सिंह

स्काई हाई के को-फाउंडर दिग्विजय सिंह ने बताया कि झारखंड स्काई डाइविंग का आयोजन करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है. इससे पहले हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश में यह आयोजन हो चुका है. इस एडवेंचर को करने के लिए लोग देश से बाहर जाते हैं. झारखंड में इसका भविष्य काफी अच्छा है. जमशेदपुर के लोगों में जोश और उत्साह है. हमेशा सुनने को मिलता है कि कोई ट्रैकिंग पर जा रहा है, तो कोई पैरा ग्लाइडिंग करने शहर से बाहर जा रहा है. इसी उत्साह को देखते हुए उन्होंने स्काई डाइविंग करने का प्रपोजल झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के समक्ष रखा. पर्यटन विभाग से काफी अच्छा रिस्पांस मिला. अब तक 55 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. उम्मीद है 100 लोग स्काई डाइविंग का आनंद उठा सकेंगे.

पहले दिन इन लोगों ने की स्काई डाइविंग

  • केके पांडेय
  • स्वाति चक्रवर्ती
  • सौरव पॉल
  • मुनमुन दास
  • आलोक कुमार
  • पारुल
  • अमर
  • साहिल

अपने शहर को ऊपर से देखने का मौका मिला : स्वाति चक्रवर्ती

बिष्टुपुर की रहने वाली स्वाति चक्रवर्ती ने स्काई डाइविंग के बाद कहा कि उन्हें पक्षी की तरह हवा में उड़कर अपने शहर को देखने का मौका मिला. सोनेट होटल की महाप्रबंधक स्वाति ने बताया कि स्काई डाइविंग उनका सपना था. 2 महीने से इसकी प्लानिंग कर रहीं थीं. जब उन्हें पता चला कि जमशेदपुर में ही स्काई डाइविंग होने वाली है, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा. स्वाति ने कहा कि ऊंचाई पर जाने के बाद डर तो लगा, लेकिन अपने सपने को भी साकार करना था. काफी अच्छा लगा. यह जिंदगी का नया अनुभव रहा.

हवाई जहाज से छलांग लगाने के बाद पैराशूट के साथ उतरा स्काई डाइवर. फोटो : ऋषि

डरा नहीं, मन में थी झिझक : केके पांडेय

सोनारी हवाई अड्डा के इंचार्ज केके पांडेय ने बताया कि स्काई डाइविंग के दौरान उन्हें डर नहीं लगा. फिर भी मन में झिझक थी. स्काई डाइविंग करने का उन्हें काफी शौक था. इस शौक को आज पूरा कर लिया. स्काई डाइविंग बिल्कुल नया अनुभव रहा.

पक्षी की तरह उड़ रहे थे आसमान में : सौरव पॉल

खड़गपुर के रहने वाले सौरव पॉल ने बताया कि स्काई डाइविंग करने के बाद जितनी देर भी वह हवा में रहे, खुद को पक्षी की तरह महसूस किया. वह सोच रहे थे कि पक्षी भी ऐसे ही आसमान में उड़ते होंगे. स्काई डाइविंग करने का काफी पुराना सपना था. स्काई डाइविंग कर अच्छा लगा. आगे भी मौका मिलेगा, तो जरूर करेंगे. यह एक अलग तरह का एडवेंचर है. सौरव ने बताया कि वह खड़गपुर रेल मंडल के आंदुल में सहायक लोको पायलट हैं.

डर के आगे जीत है : मुनमुन दास

मुनमुन दास पश्चिम बंगाल के पुरुलिया की रहने वाली हैं. स्काई डाइविंग करने के बाद उन्होंने कहा- डर के आगे जीत है. यह बोलना कि डर नहीं लगा, गलत होगा. मुनमुन ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल पुलिस में कांस्टेबल हैं. स्काई डाइविंग करना उनका सपना था. वह दूसरे राज्य में जाकर इसे करने की प्लानिंग कर रहीं थीं. जब उन्हें जमशेदपुर में स्काई डाइविंग के आयोजन का पता चला, तो यहीं आ गयीं. स्काई डाइिवंग करके काफी अच्छा लग रहा है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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