दो दिनों में सर्पदंश के छह मरीज एमजीएम पहुंचे, परिजन डिब्बे में लेकर आये जिंदा सांप

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में दो दिनों में सर्पदंश के छह मरीज भर्ती हुए। एक परिजन इलाज के लिए डिब्बे में जिंदा सांप लेकर पहुंचा, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर बरसात शुरू होते ही सर्पदंश के मरीज अस्पताल पहुंचाना शुरू हो गये हैं. अस्पताल में पहले जहां कभी-कभी सर्पदंश के मरीज आते थे, वहीं अब प्रतिदिन एक-दो मरीज आ रहे हैं. एमजीएम अस्पताल में पिछले दो दिनों में सर्पदंश के छह मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं. इनमें राजनगर के सोमवारी सरदार (35 वर्ष), गम्हारिया के विजय मार्डी (26 वर्ष), मुसाबनी के बुद्धेश्वर भकत, पुंडीसिली के शिव सुर मरांडी (19 वर्ष), कोइयानी के रॉबिन पहाड़िया (34 वर्ष) व आदित्यपुर के विष्णु ( 32 वर्ष) शामिल हैं. एक मरीज के परिजनों ने प्लास्टिक के डिब्बे में उस सांप को भी बंद कर साथ ले आये, जिसने काटा था.

अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में अचानक डिब्बे में बंद सांप को देखकर वहां मौजूद अन्य मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों में अफरा-तफरी मच गयी. हालांकि, परिजनों का इसके पीछे अपना ही तर्क था कि अक्सर अस्पताल आने पर डॉक्टर पूछते हैं कि किस सांप ने काटा है. जहरीला था या बिना जहर वाला. इसलिए हमलोग सांप को डिब्बा में बंद कर लाये हैं. डॉक्टरों ने कहा कि सांप को पकड़ने की कोशिश में दूसरी अनहोनी हो सकती है और किसी अन्य की जान भी खतरे में पड़ सकती है. डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल में सभी प्रकार के सर्पदंश के लिए 'स्नेक एंटी-वेनम' उपलब्ध रहता है. अगर पहचान जरूरी भी हो, तो मोबाइल से सांप का फोटो खींच लेना काफी है.


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Author: Chandra Shekhar

Published by: Sweta Vaidya

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