संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, कुपोषण, परिवार नियोजन, ममता वाहन व गैर-संचारी रोगों की रोकथाम पर गंभीरता दिखायें पदाधिकारी

उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक

Jamshedpur news.

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई. बैठक में संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, कुपोषण, परिवार नियोजन, ममता वाहन, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति व गुणवत्ता की समीक्षा की गयी. मॉनसून में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने, फॉगिंग, जागरूकता अभियान एवं नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, एसीएमओ डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावड़िया, डॉ ओपी केशरी सहित सभी एमओआइसी, डीपीसी, डीपीएम, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे.

जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र पर शिकायत पर बीएएम, बीडीएम, डीपीएम, डीएएम होंगे जिम्मेदार

उपायुक्त ने सभी चिकित्सा पदाधिकारी को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने को कहा. उन्होंने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित बीएएम, बीडीएम, डीपीएम, डीएएम जिम्मेदार माने जायेंगे. उपायुक्त ने कहा कि पहला एएनसी (गर्भावस्था पूर्व देखभाल) रजिस्ट्रेशन में अपेक्षित सुधार के लिए ग्राम स्तर तक सेवाएं लिये जाने के लिए समाज कल्याण विभाग, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ समन्वय किया जाये.

संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता, गैर-जवाबदेही पर होगी कार्रवाई

उपायुक्त ने कहा कि जिले में अधिकतम संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो, इसके लिए आशा दीदियों, एएनएम व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अहम है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रसव घरों में हो रहा है, तो संबंधित कर्मियों की जवाबदेही तय की जायेगी. सभी लाभार्थियों को जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिलाया जाये.

टीकाकरण में पिछड़े क्षेत्रों में अभियान तेज करने का निर्देश

पोटका, पटमदा और बहरागोड़ा प्रखंडों में टीकाकरण की प्रगति संतोषजनक नहीं पायी है. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर सत्यापन करें और वंचित लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित करें. बैठक में पाया गया कि कई आंगन बाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते. उपायुक्त ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करते हुए सख्ती बरतने को कहा.

कुपोषण उपचार केंद्रों की बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश

सीएचसी बहरागोड़ा स्थित कुपोषण उपचार केंद्र में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने, काउंसलिंग के लिए प्रशिक्षित एवं संवेदनशील स्टाफ की तैनाती तथा एमटीसी में ठहराव के लाभ-हानि को सचित्र रूप से प्रदर्शित करने की बात कही गयी. चाकुलिया व जुगसलाई क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग गतिविधियों को सशक्त बनाने का निर्देश दिया गया.

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