jamshedpur news : सुधर रही ट्रेनों की रफ्तार, अब नहीं होगा घंटों इंतजार : सीनियर डीसीएम

ट्रेनों की लेटलतीफी पर रेलवे ने दी सफाई, ट्रेनों की पंक्चुअलिटी 35% से बढ़कर 65% तक पहुंची

jamshedpur news : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर बढ़ते यात्री आक्रोश के बीच रेलवे प्रशासन ने पहली बार खुलकर अपना पक्ष रखा है. टाटानगर स्टेशन पर आयोजित प्रेस वार्ता में सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने दावा किया कि पिछले 15 दिनों में ट्रेन संचालन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. उन्होंने बताया कि ट्रेनों की पंक्चुअलिटी (समय की पाबंदी), जो पहले 35 प्रतिशत तक गिर गयी थी, अब बढ़कर 60 से 65 प्रतिशत के बीच पहुंच चुकी है. साथ ही, औसतन 120 मिनट तक की देरी अब घटकर 15-20 मिनट रह गयी है. रेलवे अब हर ट्रेन की निगरानी कर रहा है, ताकि परिचालन में बाधाएं कम हों. सीनियर डीसीएम ने स्पष्ट किया कि यात्री ट्रेनों की तुलना में मालगाड़ियों को प्राथमिकता दिये जाने की बात गलत है. उन्होंने बताया कि रविवार को कुल 47 अप और 47 डाउन यात्री ट्रेनें इस सेक्शन से गुजरीं, जबकि मालगाड़ियों की संख्या 32 अप से 35 डाउन के बीच रही. ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं जारी हैं, जिनमें सीनी-चाईबासा और गम्हरिया-चांडिल के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना पर काम हो रहा है. इससे ट्रायंगल सेक्शन का दबाव कम होगा और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम बनेगी. इसके साथ ही आसनबनी से बागबेड़ा तक चौथी लाइन और आदित्यपुर से टाटा के बीच थर्ड लाइन का काम भी पूरा किया जा रहा है. सीनी से राजखरसावां के बीच पांचवीं और छठी लाइन बिछाने की योजना भी तैयार है, जिससे झाड़सुगुड़ा और चांडिल की ओर से आने वाली ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा. भविष्य में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ने के बाद मालगाड़ियों को अलग ट्रैक पर शिफ्ट किया जायेगा, जिससे यात्री ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी/घंटा तक हो सकेगी. रेलवे अधिकारियों ने यह भी माना कि एलिफेंट कॉरिडोर और तकनीकी चुनौतियां देरी का कारण हैं, लेकिन अगले दो हफ्तों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है.

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Published by: Akhilesh kumar

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