Jamshedpur news.
फदलोगोड़ा आसनबनी में बुधवार को दलमा बुरु सेंदरा समिति के कोर की एक बैठक अध्यक्ष फकीर सोरेन की अध्यक्षता में हुई. मौके पर श्री सोरेन ने बताया कि अप्रैल अंत या मई प्रथम सप्ताह में दलमा में सेंदरा पर्व का आयोजन होगा. इसे लेकर छह अप्रैल को दलमा तराई के आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों व सेंदरा वीरों की विशेष बैठक होगी. इसमें सेंदरा पर्व की तिथि, सिंगराई, लोबीर दोरबार, गिपितीज टांडी, सेंदरा वीरों का स्वागत समेत अन्य कई बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पूर्वजों के जमाने से ही दलमा का बाघों का अच्छा निवास स्थान रहा है. फिर से दलमा में बाघ विचरण करना दलमा के लिए अच्छा संकेत है. आने वाले दिनों में उनकी संख्या बढ़ना चाहिए. वन विभाग उजड़ते वनों को हरा भर करने की दिशा में ठोस कदम उठाये. यह वन्य प्राणियों के साथ-साथ पर्यावरण के संतुलन के लिए जरूरी है.आदिवासी-मूलवासी समुदाय आदिकाल से दलमा में करते आ रहे हैं सेंदरा परंपरा का निर्वाह
वक्ताओं के अनुसार आदिवासी-मूलवासी समुदाय आदिकाल से दलमा में सेंदरा परंपरा का निर्वाह करते आ रहे हैं. सेंदरा की तारीख तय होने के बाद उक्त तारीख को दिसुआ सेंदरा वीरों द्वारा सेंदरा परंपरा का निर्वहन किया जायेगा. सेंदरा के दिन जंगली पशुओं का शिकार हो या न हो, इससे उनका सेंदरा को लेकर जोश कम नहीं होता है. इस दौरान वन देवी-देवताओं की अच्छी बारिश व अच्छी फसल के लिए कामना भी होती है. इस अवसर पर दलमा बुरु सेंदरा दिसुआ समिति के अध्यक्ष फकीर सोरेन, सोहन सोरेन, कुसनू, विश्वनाथ समेत अन्य मौजूद थे.
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