यहां आधी कीमत पर मिल जातीं हैं स्कूल से लेकर मेडिकल तक की पुस्तकें, दूर-दूर से खरीदारी करने आते हैं लोग

जमशेदपुर के पुराने कोर्ट के पास एक कतार में लगभग 35 पुरानी पुस्तकों की दुकाने हैं. यहां न सिर्फ पुरानी पुस्तकें बिकती हैं, बल्कि खरीदी भी जाती हैं.

मार्च महीने में स्कूलों में नामांकन व नये सत्र की शुरुआत होती है. इस माह नामांकन, स्कूल ड्रेस, फीस व पुस्तकें खरीदने के कारण अभिभावकों का नियमित बजट प्रभावित होता है. ऐसे में थोड़ी राहत देता है पुरानी किताबों का बाजार. यहां सस्ते दाम में स्कूल की किताब मिलने की वजह से पूरे कोल्हान क्षेत्र से छात्र व अभिभावक यहां पहुंचते हैं.

जमशेदपुर के पुराने कोर्ट के पास एक कतार में लगभग 35 पुरानी पुस्तकों की दुकाने हैं. यहां न सिर्फ पुरानी पुस्तकें बिकती हैं, बल्कि खरीदी भी जाती हैं. मार्च शुरू होते ही यहां अभिभावकों व विद्यार्थियों की भीड़ लगनी शुरू हो गयी है. यह जून माह तक रहेगी.

25 प्रतिशत पर खरीदी जाती हैं पुरानी पुस्तकें

निगम ने बताया कि वे पुरानी किताब 25 प्रतिशत की दर से खरीदते हैं, जबकि बेचते हैं आधी कीमतों पर. यहां छात्र अपनी पुरानी किताबों को आकर बेचते हैं और नये सत्र के लिए किताबें ले जाते हैं.

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आधी कीमत में मिलती हैं पुरानी किताबें

दुकानदार विजय कुमार निगम ने बताया कि इस बाजार में छोटे बच्चों की किताबों से लेकर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, प्रोफेशनल कोर्सेस, तकनीकी कोर्स, आइटी, इंजीनियरिंग और मेडिकल तक की पुस्तकें उपलब्ध हैं.

इसके अलावा रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, जेपीएससी व यूपीएससी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी कम कीमत में किताबें मिलती हैं. साहित्य प्रेमियों के लिए भी यहां तरह-तरह की पुस्तकों के कलेक्शन हैं. पुरानी किताबों पर 50 प्रतिशत तक छूट दी जाती है.

कोल्हान भर से लोग आते हैं खरीदारी करने

विजय कुमार ने बताया कि जमशेदपुर का यह पुस्तक बाजार पूरे कोल्हान में लोकप्रिय हैं. यहां चक्रधरपुर, चाईबासा, घाटशिला,पटमदा, सरायकेला खरसावां आदि दूर-दराज से विद्यार्थी व अभिभावक पुस्तकें खरीदने व बेचने आते हैं.

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राष्ट्रीय गणित ओलिंपियाड में झारखंड से यश वर्धन का हुआ है चयन

भारतीय राष्ट्रीय गणित ओलम्पियाड (ऑइएनएमओ) में मानगो के छात्र यश वर्धन का चयन हुआ है. यश डीएवी पब्लिक स्कूल पटेल नगर की 12वीं का छात्र है. 21 जनवरी काे देश के विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गयी थी. जिसका परिणाम मंगलवार पांच मार्च काे जारी किया गया. झारखंड से चयनित होने वाले यश एक मात्र छात्र हैं.

चयनित सभी छात्रों को मैथेमेटिकल इंस्टीट्यूट चेन्नई में 7 से 31 मई के बीच सम्मानित किया जाएगा. साथ ही यश आइआइटी बॉम्बे, आइआइटी हैदराबाद, चेन्नई गणितीय संस्थान, चेन्नई और भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता/ बेंगलुरु में बीएससी मैथ्स में प्रवेश के लिए पात्र हाे गया है. यश की सफलता से मातापिता बेहद खुश हैं. पिता राकेश रंजन सीए हैं. यश जेइइ की तैयारी कर रहा है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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