कौन है सैयद अर्शियान उर्फ हैदर? इंटरपोल ने जारी किया है रेड कॉर्नर नोटिस

Red Corner Notice: जमशेदपुर की आजाद बस्ती के रहनेवाले सैयद अर्शियान उर्फ हैदर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. उस पर आत्मघाती ड्रोन और छोटी दूरी की मिसाइलों को डिजाइन करने का आरोप है. फिलवक्त उसका लोकेशन तुर्किए में है. सीबीआई के आग्रह पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. अर्शियान को आतंकवाद का इंजीनियर कहा जाता है.

Red Corner Notice: जमशेदपुर-मानगो के आजाद बस्ती रोड नंबर-14 के रहने वाले सैयद अर्शियान उर्फ हैदर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने हैदर के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया है. सीबीआई अधिकारियों को अनुमान है कि रेड कॉर्नर नोटिस के बाद अर्शियान जल्द उनकी गिरफ्त में होगा. जमशेदपुर में वह काफी अरसे से नहीं रह रहा है. फिलवक्त उसका लोकेशन तुर्किए में है, जहां से उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए इंटरपोल प्रयासरत है.

आजाद बस्ती में हैदर नाम से जाना जाता था अर्शियान


अर्शियान पर आठ साल पहले आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ाव का आरोप लगा था. अर्शियान के भाई सैयद मोहम्मद जीशान अली हैदर को भी 10 अगस्त 2017 को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किये जाने के बाद दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था. आजाद बस्ती के लोगों ने बताया कि आर्शियान नाम से अधिक वह हैदर के नाम से ही जाना जाता था, लेकिन अब उसे यहां कोई न जानता है और न ही पहचानता है.

आतंकवाद का कहा जाता है इंजीनियर


मानगो के रहनेवाले अर्शियान उर्फ हैदर को आतंकवाद का इंजीनियर कहा जाता है. उस पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएसआइएस) के लिए आत्मघाती ड्रोन और छोटी दूरी की मिसाइलों को डिजाइन करने का आरोप है. आरोप है कि उसने आतंकवाद की दुनिया में तकनीक को काफी हद तक बदल दिया है.

वर्ष 2017 से तुर्किए में है अर्शियान


लगभग 40 साल का अर्शियान 2017 से तुर्किए में है. अलकायदा के एक बड़े आतंकी जोलानी ने सीरिया बशर असद का तख्ता पलट कर सरकार बनायी है. इस सरकार को अमेरिका व यूरोपीय देशों का समर्थन प्राप्त है. पूर्व में भी कई लोगों को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश नहीं किया जा सका. इसके चलते कई संदिग्ध माने वाले वाले युवक को कोर्ट के आदेश पर रिहा कर दिया गया.

सीबीआई के अनुरोध पर रेड कॉर्नर नोटिस


अर्शियान कभी जमशेदपुर का एक सामान्य छात्र था. अब उस पर वैश्विक आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगा है. अर्शियान को पकड़ने के लिए भारतीय एजेंसियां कई साल से प्रयासरत हैं. अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो पाया है. बताया जा रहा है कि अर्शियान अभी दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुका है. सीबीआई के अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2017 से तुर्किए में छिपा है और वहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से की है पढ़ाई


अर्शियान ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. 2005 में वह बेंगलुरु गया, जहां कुछ महीनों तक एक मदरसे में रहा, लेकिन उस समय कोई आतंकी संबंध सामने नहीं आए. इसके बाद 2008 में वह सऊदी अरब के दम्मम चला गया, जहां एक सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी करते हुए उसकी मुलाकात चेचन मूल की बेल्जियम नागरिक अलीना हैदर से हुई. दोनों ने विवाह किया. उनकी एक बेटी भी है.

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लेखक के बारे में

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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