Jamshedpur news.
करनडीह दिशोम जाहेरथान में शुक्रवार को देश परगना बाबा बैजू मुर्मू की अध्यक्षता में एक सामाजिक बैठक हुई. इसमें मरांगबुरू (पारसनाथ पहाड़) विवाद पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में आदिवासी समाज ने अपनी धार्मिक आस्था और परंपरागत पूजा-पद्धति पर हो रहे अतिक्रमण पर गहरी नाराजगी जतायी. बैजू मुर्मू ने कहा कि मरांगबुरू आदिवासी आस्था का केंद्र है. आदिवासी समाज सदियों से मरांगबुरू जुग जाहेरगाढ़ में अपनी परंपरागत पूजा (बाहा बोंगा) और बैसाख पूर्णिमा पर विश्व शिकार पर्व मनाता आ रहा है. मरांगबुरू पर आदिवासी समाज का अधिकार है, बावजूद इसके एक समुदाय द्वारा बार-बार अतिक्रमण किया जा रहा है. मरांगबुरू पर हो रहे अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पहाड़ की प्राकृतिक विरासत नष्ट हो रही है. देश परगना ने कहा कि 12 मार्च को गिरिडीह के मधुबन फुटबॉल मैदान में ‘अतिक्रमण हटाओ – मरांगबुरू बचाओ’ आक्रोश रैली होगी. इसमें देशभर से हजारों आदिवासी-मूलवासी समाज के लोग शामिल होंगे. बैठक में जुगसलाई तोरोप पारगना बाबा, आसनबनी तोरोप पारगना बाबा, हल्दीपोखर तोरोप पारगना बाबा, माझी युवराज टुडू, दुर्गा चरण मुर्मू देश पारानिक, नवीन मुर्मू, कुचूंग दिशोम देश पानानिक, लेदेम किस्कू, बिरेन टुडू ,सुखराम किस्कू समेत काफी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
