जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल होने जा रही है. भिलाई पहाड़ी में पारामेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू हो गयी है. कॉलेज के लिए करीब तीन एकड़ जमीन चिह्नित की गयी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है. डीपीआर को अंतिम रूप देने के बाद स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भेजा जायेगा. स्वीकृति और बजट आवंटन मिलते ही भवन निर्माण शुरू कराने की तैयारी है.
ये छह प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे
फिलहाल पारामेडिकल छात्रों की कक्षाएं एमजीएम मेडिकल कॉलेज में संचालित हो रही हैं. नया कॉलेज बनने के बाद विद्यार्थियों को अलग शैक्षणिक परिसर के साथ हॉस्टल की सुविधा भी मिलेगी. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय कुमार ने बताया कि प्रस्तावित संस्थान में मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, ओटी असिस्टेंट, एक्स-रे एवं रेडियोलॉजी टेक्निशियन, डायलिसिस टेक्निशियन, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट और इमरजेंसी केयर मैनेजमेंट जैसे छह प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे.
दूर-दराज के छात्रों को मिलेगा हॉस्टल
कॉलेज परिसर में ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने की योजना है. फैकल्टी और कर्मचारियों के लिए क्वार्टर भी बनाये जाने का प्रस्ताव है. विद्यार्थियों को वास्तविक मरीजों के बीच काम करने का अनुभव मिले, इसके लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज में रोटेशनल क्लिनिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था की जायेगी.
हर साल तैयार होंगे प्रशिक्षित पारामेडिक्स
जिले के सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पतालों में प्रशिक्षित लैब टेक्निशियन, ओटी असिस्टेंट और रेडियोलॉजी स्टाफ की कमी लंबे समय से महसूस की जाती रही है. भिलाई पहाड़ी में कॉलेज शुरू होने के बाद हर साल बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पारामेडिकल कर्मी तैयार होने की उम्मीद है. इससे सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रशिक्षित मैनपावर की कमी दूर करने में मदद मिलेगी. इस कॉलेज का लाभ केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा. घाटशिला, पटमदा, पोटका, सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम के विद्यार्थियों के लिए भी यह संस्थान अपेक्षाकृत सुलभ होगा।.इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के करीब रहकर स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारपरक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा संस्थान
प्रस्तावित कॉलेज में आधुनिक क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और पैथोलॉजिकल व बायोमेडिकल प्रैक्टिकल लैब विकसित करने की योजना है. कॉलेज के शुरू होने से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षण मिलेगा और स्वास्थ्य संस्थानों को भी प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है.
