Jamshedpur News : एमजीएम की पार्किंग में खड़े-खड़े सड़ रहे मोक्ष वाहन, बनवाने के निर्देश के 4 महीने बाद भी एजेंसी बेफिक्र

Jamshedpur News : एमजीएम अस्पताल से शव ले जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए झारखंड सरकार के द्वारा अस्पताल को तीन मोक्ष वाहन उपलब्ध कराये गये थे. जिसको एनजीओ के माध्यम से चलाने के लिए कहा गया था.

अधीक्षक के कहने के बाद भी नहीं बना वाहन

एमजीएम अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार ने मोक्ष वाहन बनवाने का दिया था निर्देश

Jamshedpur News :

एमजीएम अस्पताल से शव ले जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए झारखंड सरकार के द्वारा अस्पताल को तीन मोक्ष वाहन उपलब्ध कराये गये थे. जिसको एनजीओ के माध्यम से चलाने के लिए कहा गया था. वर्तमान में इस मोक्ष वाहन का संचालन फुरिडा एजेंसी द्वारा किया जा रहा है. पिछले दिनों एमजीएम अस्पताल का एक मोक्ष वाहन सरायकेला में एक टेलर से टकराने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था. उसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल की पार्किंग में लाकर खड़ा कर दिया गया था. पूर्व अधीक्षक डॉ रवींद्र कुमार ने वाहन को बनवाने का निर्देश दिया था. मगर चार माह बीतने के बाद भी वाहन को नहीं बनवाया गया. इस समय अस्पताल में सिर्फ दो मोक्ष वाहन चल रहे हैं. जिससे अस्पताल से शव लेकर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. निजी वाहन से शव को लेकर जाना लोगों को महंगा पड़ रहा है.

एजेंसी को फिर से दी जा रही नोटिस

अस्पताल के अधीक्षक ने कहा था कि एजेंसी के द्वारा जल्द से जल्द मोक्ष वाहन को नहीं बनवाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने कहा कि संस्था के साथ हुये एग्रिमेंट के अनुसार उस क्षतिग्रस्त मोक्ष वाहन को एजेंसी के द्वारा बनवाना है. वहीं अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी ने कहा कि संबंधित एजेंसी को एक बार फिर से नोटिस दी जा रही है. उसके बाद भी अगर मोक्ष वाहन नहीं बनवाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही बिल से पैसा की कटौती की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: RAJESH SINGH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >