चार माह से नहीं मिला है मानदेय : एमजीएम अस्पताल में तैनात महिला होमगार्ड ने दी आत्महत्या की चेतावनी

जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में 4 महीने से वेतन न मिलने पर महिला होमगार्ड ने आत्महत्या की चेतावनी दी। आर्थिक तंगी और बीमारी से जूझ रहे हैं सुरक्षाकर्मी।

वरीय संवाददाता, जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब ड्यूटी पर तैनात एक महिला होमगार्ड जवान अचानक फूट-फूटकर रोने लगी. चार माह से वेतन नहीं मिलने और रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी से परेशान महिला जवान ने आर्थिक तंगी के कारण अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या करने की चेतावनी दे डाली. महिला की इस चेतावनी के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अन्य सहकर्मियों ने उसे समझा-बुझाकर शांत कराया. बोड़ाम की रहने वाली महिला होमगार्ड फूलकुमारी हेंब्रम रोते हुए बताया कि पिछले चार महीनों से उसे वेतन नहीं मिला है और यह पांचवां महीना चल रहा है. वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी से गुजर रही है. वहीं दूसरी ओर वह रीढ़ की हड्डी के गंभीर दर्द से जूझ रही हैं. उसने बताया कि एमजीएम सहित कई जगहों पर इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं मिला. अब पुरुलिया के एक डॉक्टर से इलाज चल रहा है, जिन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी है. लेकिन पैसे न होने के कारण वह इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ है.

ड्यूटी पर तैनात अन्य होमगार्ड जवानों ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे फूलकुमारी को किसी माध्यम से सूचना मिली कि अगले सप्ताह भी वेतन मिलने की कोई संभावना नहीं है. यह सुनते ही उसका धैर्य टूट गया. उसने रोते हुए कहा, हमको वेतन दिला दीजिए, नहीं तो हम मर जायेंगे. उसने यह भी कह दिया कि अगर पैसे नहीं मिले, तो वह अस्पताल की छत से छलांग लगा देगी. मालूम हो कि एमजीएम कॉलेज और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में कुल 135 होमगार्ड जवान तैनात हैं. इन सभी को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है. ऐसे में अधिकांश जवान आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं. वहीं इसकी जानकारी मिलने पर होमगार्ड के जिला कमांडेंट हरिहर सिंह मुंडा ने बताया कि उस महिला होमगार्ड को बुलाया गया था. कल्याण कोष से कुछ सहायता राशि भी दी गयी है. इसके साथ ही उन लोगों की परेशानी की जानकारी डीजी व डीसी को दी गयी है. इसके साथ ही एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक से भी इस संबंध में बात हुई है. अधीक्षक ने कहा कि विभाग में फाइल पर साइन हो चुकी है, पैसा आते ही वेतन दे दिया जायेगा.


यह कोई पहली घटना नहीं

केस नंबर एक- एमजीएम मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की सुरक्षा में लगे होमगार्ड जवानों को चार माह से वेतन नहीं मिला है. वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं. इससे परेशान होकर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड जवान अलादी महाली ने फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी. अलादी महाली ने बताया था कि चार माह से वेतन नहीं मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गयी है. उनकी मां बीमार है और इलाज के लिए पैसे नहीं हैं. बेटे की स्कूल फीस भी जमा नहीं हो सकी है. कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था, इस कारण ऐसा किया.

केस नंबर दो - एमजीएम अस्पताल में कार्यरत होमगार्ड जवान कपिल देव यादव की ड्यूटी के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से तबीयत खराब हो गयी थी. तब साथी जवानों ने चंदा कर उसका इलाज कराया था. साथ ही सिटी स्कैन कराकर दवा भी खरीदकर दी थी. होमगार्ड के जवानों ने बताया कि चार माह से वेतन नहीं मिला है, इससे सभी की आर्थिक स्थिति खराब है. और कुछ दिनों तक वेतन नहीं मिला, तो भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी.


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Author: Chandra Shekhar

Published by: Pradip Kumar Mahto

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