Jamshedpur News : एमजीएम अस्पताल : निरीक्षण में मिली 18 बड़ी खामियां, डीसी को सौंपी गयी रिपोर्ट

Jamshedpur News : डिमना रोड स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बने नये अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिला प्रशासन और प्रबंधन सक्रिय हो गया है.

व्यवस्थाओं के सुधार के लिए दिये गये सुझाव

Jamshedpur News :

डिमना रोड स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बने नये अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिला प्रशासन और प्रबंधन सक्रिय हो गया है. दो सितंबर को नेशनल एजुकेशन प्रोजेक्ट के निदेशक एवं अस्पताल के नोडल अधिकारी संतोष गर्ग ने विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर 18 गंभीर समस्याओं की पहचान की और इसकी रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी.

निरीक्षण में सबसे बड़ी समस्या एंबुलेंस व पार्किंग व्यवस्था से जुड़ी मिली. पांच एंबुलेंस और दो मोक्ष वाहन परिचालन में होने के बावजूद मुख्य गेट के पास केवल दो एंबुलेंस खड़ी पायी गयीं. पार्किंग स्थल पर चिकित्सकों व कर्मचारियों के निजी वाहन खड़े होने से आपातकालीन सेवा व ओपीडी गेट पर आवागमन बाधित हो रहा था. अस्पताल परिसर में जगह-जगह मरीजों के परिजनों द्वारा कपड़े सुखाये जाने से संक्रमण फैलने की आशंका जतायी गयी. संतोष गर्ग ने पाया कि बायोमेडिकल व सामान्य कचरे का निष्पादन मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है. इमरजेंसी वार्ड में मरीजों का इलाज स्ट्रेचर पर किया जा रहा था. एक्स-रे मशीन बार-बार खराब होने से मरीजों को परेशानी हो रही है. निरीक्षण के दौरान कई लिफ्ट भी खराब पायी गईं, जिससे मरीजों व परिजनों को चढ़ने-उतरने में परेशानी हो रही है.

उन्होंने बताया कि अस्पताल में कार्यरत आयुष्मान मित्रों को आठ माह से मानदेय नहीं मिला है. इसको शीघ्र भुगतान करने और हर माह के पहले सप्ताह में नियमित भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये.

जनरल मेडिसिन विभाग को जरूरत के अनुसार कंप्यूटर की खरीदारी कर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया.

ये दिये गये सुझाव

1. अस्पताल के भवनों और परिसर का ऑडिट कर आवंटन के लिए एक विशेष सेल का गठन किया जाये.

2. अस्पताल की सभी आवश्यक गतिविधियों जैसे लिफ्ट, सफाई, कचरा निष्पादन, बाथरूम, आकस्मिक विभाग, एंबुलेंस संचालन का साप्ताहिक अनुश्रवण हो.

3. अस्पताल में आठ मेडिकल अधिकारी और समक्ष प्राध्यापकों की सहायता से प्रशासन को विक्रेंद्रीकृत किया जाये और मासिक ऑनलाइन निरीक्षण प्राचार्य व अधीक्षक के द्वारा किया जाये.

4. आयुष्मान योजना की राशि के पारदर्शी उपयोग के लिए समिति का गठन हो.

5. विभागाध्यक्ष समय-समय पर विभागीय सेवाओं का आकलन करें एवं सुधारात्मक रिपोर्ट प्रदान करें.

6. एंबुलेंस एवं आउटसोर्स एजेंसियों के लिए सातों दिन 24 घंटे कार्यालयों की स्थापना एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाये.

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By RAJESH SINGH

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