शहर में बढ़ रहे हैं लिवर के मरीज, विशेषज्ञ डॉक्टरों व सुविधाओं का अभाव
शहर में बढ़ रहे हैं लिवर के मरीज, विशेषज्ञ डॉक्टरों व सुविधाओं का अभाव
विश्व लिवर दिवस आज
– झारखंड में नहीं होता है लिवर का प्रत्यारोपण
– शहर में रोजाना पहुंच रहे 20 से 25 मरीज, गंभीर होने पर दूसरे राज्यों में किया जा रहा रेफर
jamshedpur.
शहर में लिवर के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है. पूरे झारखंड में समुचित इलाज की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है. शहर के अस्पतालों में फिलहाल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और मेडिसिन के डॉक्टर ही लिवर की जांच व इलाज कर रहे हैं. स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है. चिकित्सकों के अनुसार, ओपीडी में रोजाना औसतन 20 से 25 मरीज लीवर की समस्या लेकर आ रहे हैं, जिनमें से 2-3 मरीजों की हालत काफी चिंताजनक होती है. जब किसी व्यक्ति को एक ही समय पर मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या घेर लेती है, तो इसी स्थिति को मेटाबॉलिक सिंड्रोम का नाम दिया गया है. जब ये सारी परेशानियां एक साथ शरीर पर हमला करती हैं, तो शरीर की पूरी कार्यप्रणाली डगमगा जाती है और इसका सबसे पहला शिकार लिवर होता है. शहर के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर कुंदन कुमार ने बताया कि गलत खानपान और शराब की लत से युवाओं के लिवर खराब हो रहे हैं. लिवर से संबंधित तीन समस्याएं सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं. फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस. फैटी लिवर की समस्या में वसा की बूंदें लिवर में जमा होकर उसकी कार्यप्रणाली में बाधा पहुंचाती हैं. गलत खानपान, जैसे अत्यधिक जंक फूड, चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड मीट, लीवर में वसा जमा करते हैं, जिससे नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर हो सकता है. उन्होंने अगर समय पर इसकी जांच कराकर इलाज कराते है तो काफी हद तक लोगों को लाभ होता है. इसमें संतुलित आहार खाना, सक्रिय रहना, शराब का सेवन कम करना व नियमित रूप से लिवर की जांच करवाना शामिल है.
लिवर खराब होने के लक्षण
थकान, आंखों-त्वचा का पीलापन (पीलिया), पेट के दाई तरफ दर्द व सूजन, हर वक्त थकावट महसूस होना, भूख में कमी, खुजली शामिल हैं. यह समस्या पाचन संबंधी खराबी, लगातार वजन का बढ़ना, गहरे रंग का पेशाब, और पैरों में सूजन के रूप में भी सामने आ सकती है.
कारण :
घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, जंक फूड खाने की आदत, नींद पूरी न होना व गलत जीवन शैली
बचाव : डाइट में सुधार, मीठे और शराब से दूरी, वजन पर नियंत्रण, एक्सरसाइज